आगामी सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए) कार्यक्रम में शत-प्रतिशत लाभार्थियों को दवाएं खिलाने का लक्ष्य
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
• एमडीए के सफल क्रियान्वयन के लिए दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन
• 18 जिलों के 65 विकासखंडों में कार्यक्रम संचालित किया जाएगा
• लगभग 1 करोड़ 58 लाख से अधिक लाभार्थियों को फ़ाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाने का लक्ष्य
रायपुर (छत्तीसगढ़)-दिनांक 20 जनवरी 2026: राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में फाइलेरिया रोग से मुक्ति के उद्देश्य से सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम (एमडीए) की शुरुआत आगामी 10 फ़रवरी 2026 से की जाएगी। इस कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु 20 जनवरी 2026 को स्वास्थ्य भवन, अटल नगर, रायपुर में दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें आज 07 जिलों के जिला मलेरिया अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, व्ही.बी.डी. सलाहकार, व्ही.बी.डी. टेक्निकल सुपरवाईजर उपस्थित थे | इस अवसर पर संयुक्त निदेशक, एन.सी.व्ही.बी.डी.सी, भारत सरकार, डॉ रिंकू शर्मा ने भी वर्चुअल रूप से जुड़कर प्रतिभागियों से संवाद किया । प्रशिक्षण कार्यक्रम में संचालक महामारी नियंत्रण डॉ. सुरेन्द्र पामभोई, क्षेत्रीय संचालक डॉ. संदीप जगदंड, डॉ. सरीफ, सी.एम.ओ, क्षेत्रीय कार्यालय, भारत सरकार,राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. जीतेन्द्र कुमार, विश्व स्वास्थ्य संगठन से एन.पी.ओ, दिल्ली, एवं राज्य कोऑर्डिनेटर तथा जोनल समन्वयक, राज्य सलाहकार, WJCF से प्रतिनिधि, पी.सी.आई. से राज्य कार्यक्रम प्रबंधक एवं टीम तथा ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटेजी से वरिष्ठ प्रबंधक एवं अन्य सहयोगी भी उपस्थित थे ।
प्रशिक्षण के दौरान जानकारी दी गई कि आगामी 10 फरवरी 2026 से राज्य के कुल 18 जिलों के 65 विकासखंडों में यह एमडीए कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। इनमें से 15 जिलों यथा- रायपुर (शहरी सहित), गरियाबंद, बलौदाबाजार, महासमुंद, बिलासपुर (शहरी सहित), मुंगेली, गौरेला–पेंड्रा–मरवाही, जांजगीर–चांपा, सक्ती, सारंगढ़–बिलाईगढ़, सरगुजा (शहरी सहित), सूरजपुर, जशपुर, बालोद तथा रायगढ़ (शहरी सहित) में तीन दवाओं आईवरमेक्टिन, डीईसी एवं एल्बेंडाजोल के साथ (आईडीए) तथा 3 जिलों यथा- बस्तर (जगदलपुर), राजनांदगांव एवं खैरागढ़–छुईखदान–गंडई में डीईसी एवं एल्बेंडाजोल (डीए) के माध्यम से लाभार्थियों को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जाएंगी।
इस अभियान के माध्यम से लगभग 1 करोड़ 58 लाख से अधिक जनसंख्या को फाइलेरिया से बचाव हेतु बूथ लगाकर एवं घर-घर जाकर दवाओं का सेवन कराया जाएगा। प्रशिक्षण सत्रों में माइक्रोप्लानिंग, रिपोर्टिंग व्यवस्था, औषधि एवं लॉजिस्टिक प्रबंधन, वित्तीय प्रबंधन, सामाजिक जागरूकता, मीडिया समन्वय एवं अंतरविभागीय सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष चर्चा की गयी कि आगामी एमडीए कार्यक्रम में शत-प्रतिशत लाभार्थियों को स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा अपने सामने ही फ़ाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन करवाया जाया | अगर कार्यक्रम के दौरान कोई छूट गया है तो दोबारा उस स्थान पर जाकर उसे दवाएं खिलाई जायेंगी ।
“स्वस्थ छत्तीसगढ़ की पहचान – फाइलेरिया मुक्त अभियान।”

