कल शाम माननीय राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा जी से आत्मीय मुलाकात करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
मुलाकात के दौरान माननीय मंत्री जी ने अत्यंत सरलता और आत्मीयता के साथ स्वागत किया। बातचीत के दौरान यह अनुभव हुआ कि उन्हें रेडियो एवं हमारी लोकसंस्कृति से गहरा लगाव है।
रेडियो संगवारी के उद्देश्य एवं कार्यों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि हमारा प्रयास छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला, लोकगीत एवं सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों से जोड़कर उसे विश्व पटल तक पहुंचाना है।
हमारे विभिन्न कार्यक्रमों—जस जवारा (देवी गीत), सत के रद्दा (बाबा गुरु घासीदास जी के उपदेश एवं पंथी), तथा लोक रंजनी (कर्मा, सुवा, ददरिया, बांसगीत, पंडवानी, भरथरी आदि)—के माध्यम से हम समाज के हर वर्ग तक अपनी संस्कृति की सुगंध पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।
यह बताते हुए अत्यंत गर्व हुआ कि रेडियो संगवारी को आज अमेरिका, जर्मनी एवं कनाडा सहित कई देशों से जबरदस्त प्रतिसाद मिल रहा है। हमारे प्रवासी भाई-बहन न केवल इसे सुन रहे हैं, बल्कि अपने गीतों की मांग और शुभकामनाएं भी भेज रहे हैं।
यह जानकर माननीय मंत्री जी अत्यंत प्रसन्न हुए और हमारे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि “आप लोग अद्भुत कार्य कर रहे हैं, मैं स्वयं हमारी संस्कृति से जुड़ा हुआ हूं और इस विषय पर आपसे विस्तार से चर्चा करना चाहता हूं। आप पुनः समय निकालकर अवश्य मिलें।”
साथ ही, हमारे द्वारा भेंट किए गए स्मृति चिन्ह को देखकर भी उन्होंने विशेष रूप से सराहना व्यक्त की और कहा कि इससे स्पष्ट झलकता है कि हमारी टीम अपनी लोकसंस्कृति के प्रति कितनी सजग और समर्पित है।
रेडियो संगवारी आज 22 अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, जिसे दुनिया के किसी भी कोने से मोबाइल, वेबसाइट, कार, टेलीविजन एवं एलेक्सा जैसे माध्यमों के जरिए सुना जा सकता है—बस इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता है, और आप जहां भी हों, अपनी माटी की महक से जुड़े रह सकते हैं।
माननीय मंत्री जी के मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद ने हमें और अधिक ऊर्जा एवं प्रेरणा प्रदान की है।
शीघ्र ही पुनः विस्तृत चर्चा हेतु मुलाकात का संकल्प लेकर आज की यह सार्थक भेंट सम्पन्न हुई।

