आग लगने पर सर्वप्रथम बिजली सप्लाई को बंद किया जाना चाहिए
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
बढ़ते शहरीकरण के साथ अग्नि सुरक्षा एक बेहद महत्वपूर्ण विषय है – अनिमा एस. कुजूर
कैट एवं अग्निशमन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में अग्नि सुरक्षा एवं रोकथाम कार्यशाला में व्यापारियों आगजनी से बचने उपाय से अवगत हुए – कैट
देश के सबसे बड़े व्यापारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (भारत सरकार) के सदस्य श्री अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमेन श्री जितेंद्र दोशी, श्री विक्रम सिंहदेव, अध्यक्ष श्री परमानंद जैन, महामंत्री श्री सुरिन्दर सिंह, कोषाध्यक्ष श्री अजय अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष श्री राजेंद्र जग्गी, श्री राम मंधान, श्री वासु मखीजा, श्री भरत जैन, श्री राकेश ओचवानी, श्री शंकर बजाज ने संयुक्त रूप से बताया कि देश के कैट एवं अग्निशमन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कैट के प्रदेश कार्यालय में किया गया। श्रीमति अनिमा एस कुजूर, संभागीय सेनानी एवं नोडल अधिकारी एसडीआरएफ रायपुर संभाग रायपुर छत्तीसगढ़, श्री पुष्पराज सिंह, जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी नगर सेना रायपुर छत्तीसगढ़, श्री लिलेश्वर सिंह राजपूत, निरीक्षक, स्टेशन प्रभारी, अग्निशामन केंद्र टिकरापारा रायपुर छत्तीसगढ़, की संयुक्त टीम द्वारा कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) एवं व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारीगण व्यापारी उपस्थित रहे। जिनकों प्रारंभिक अग्निदुर्घटना से बचाव/सुरक्षा के संबंध में संगोष्ठि के माध्यम से जागरूक करने के साथ ही मॉक ड्रील के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया।
श्रीमती अनिमा एस. कुजूर, संभागीय सेनानी रायपुर ने बताया कि आग लगने की घटनाओं में भारत तीसरे स्थान पर है। ये घटनाएं विशेष रूप से भारत के उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में होती हैं। एनसीआरबी के डेटा के मुताबिक देश के दो सबसे शहरीकृत राज्य महाराष्ट्र और गुजरात में देश की आग दुर्घटना में होने वाली मौतों का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा हैं। इंडिया रिस्क सर्वे के अनुसार, लगातार आग लगने की घटनाओं से व्यापार की निरंतरता और संचालन पर विपरित प्रभाव पड़ता है। पिछली घटनाओं के अध्ययन करने पर पता चलता है कि आग लगने की अधिकांश दुर्घटनाएं तीन प्रमुख कारणों से होती हैं। बिजली का शार्ट सर्किट या गैस सिलेंडर/स्टोव फटना मानव की लापरवाही गलत तरीके से बनाई गई आदतें है।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश अध्यक्ष श्री परमानन्द जैन ने कहा कि लोग अपने नये घर , गोदाम एवं कारखाना बनाता है तो वह हर सुविधाओं को ध्यान में रख कर बनाता है और अधिक से अधिक खर्चा करता है। लेकिन अग्नि सुरक्षा पर कोई खर्च नहीं करता है। अग्नि सुरक्षा उपकरण पर कम लागत पर लग जाती है। अग्नि सुरक्षा उपकरण लगना अति आवश्यक है। जब आग लगती है तब उसको बहुत अधिक खामियाजा भरना पडता है। इसलिए अग्नि सुरक्षा को सर्वोपरि रखना चाहिए।
श्री पुष्पराज सिंह ने कहा कि देश में जैविक, रासायनिक जैसे अन्य कई खतरों के साथ-साथ अग्नि संबंधित दुर्घटनाओं से होने वाले नुकसान के बारे में भी बुनियादी तथ्यों की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। भारत में बढ़ते शहरीकरण के साथ अग्नि सुरक्षा एक बेहद महत्वपूर्ण विषय है। आज अग्निशमन/ एसडीआरफ की संयुक्त टीम द्वारा कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) एवं व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारीगणो को प्रारंभिक अग्निदुर्घटना से बचाव/सुरक्षा के संबंध में संगोष्ठि के माध्यम से जागरूक करने के साथ ही मॉक ड्रील के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया। उन्होनें आगे कहा कि आग की रोकथाम हेतु अपने दुकान एवं गोदामो में आग बुझाने वाली उपकरण, निकास मार्ग और निकटतम आग के स्थान का पता करें, आग बुझाने वाली मशीन और इसके संचालन के प्रकार के बारे जानकारी रखें, आग बुझाने व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण और सुरक्षा उपकरणों का उपयोग यानी आग नियत्रंण कक्ष के महत्वपूर्ण टेलीफोन नम्बर याद रखे, आग बुझाने के लिए आग सुरक्षा उपकरणों के आकस्मिक उपयोग के बारें में अग्निशमन विभाग को सूचित करे।
उपरोक्त कार्यशाला में कैट, युवा कैट, कैट महिला विंग, टं्रांसर्पोट कैट एवं व्यापारिक संगठनो के पदाधिकारी सहित व्यापारीगण उपस्थित रहे :- जितेन्द्र दोशी, विक्रम सिंहदेव, जीवत बजाज, परमानन्द जैन, सुरिन्द्रर सिंह, भरत जैन, विजय पटेल, राम मंधान, राकेश ओचवानी, अवनीत सिंह, जयराम कुकरेजा, महेश जेठानी, प्रीतपाल सिंह बग्गा, महेश खिलोसिया, सूरज उपाध्याय संजय जयसिंह, कान्ति पटेल, रतनदीप सिंह, मधु अरोरा, सतीश श्रीवास्तव, मोहन वर्ल्यानी, टी. श्रीनिवास रेडडी, नागेन्द्र तिवारी, विक्रांत राठौर, सुरेश वासवानी, बी. एस. परिहार, सुशील लालवानी, शैलेन्द्र शुक्ला, मनीष सोनी, प्रकाश माखीजा, विजय जैन, बलराम रोहरा बलराम आहुजा, नीलम देवाकिर्ती, नवीन शर्मा हेमराज कृपलानी, दर्शन निहाल, राजकुमार मंगतानी, विनय चन्द्राकर, छगन चौबे रतन वर्ल्यानी, अमर चंदनानी, कमल लहेजा, श्रवण विश्नोई, रोहित पटेल, मनोहर अठवानी, विशाल वरयानी, नितिन कुमार नागदेव, गोविंद चिमनानी, हिमांशु वर्मा, रौनक पटेल, मितेश पटेल, विक्की देवानी, हरीश संतवानी, प्रकाश कोसारकर, खोखन कुण्डु, यश पटेल, धीरज ताम्रकार, डॉ. जया, योगेश पटेल आदि।

