छत्तीसगढ़ राज्य में एक मात्र और पहला बिंझवार समाज अधिकारी कर्मचारी संघ बना बिलासपुर जिले में… सहदेव प्रसाद सोनवानी बने अध्यक्ष
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
ग्राम कलारतराई (कोटा) में बिंझवार आदिवासी समाज के अधिकारी कर्मचारी संघ का औपचारिक गठन किया गया. यह कर्मचारी संगठन छत्तीसगढ़ राज्य में बिंझवार समाज का पहला कर्मचारी संगठन है.
ग्राम कलारतराई कोटा के पास स्थित है जहाँ बिंझवार समाज की बहुलता है. यहाँ सोंनाखान के जनप्रिय जमीदार शहीद वीर नारायण सिंह की विशालकाय मूर्ति है जिसे बिंझवार समाज ने स्थापित किया है. कोटा क्षेत्र के बिंझवार समाज के प्रबुद्ध अधिकारियों एवं सक्षम कर्मचारियों ने यह तय किया कि समाज के विकास के लिए स्वयं के संसाधन तथा सबके सहभागिता एवं सहकार से संघ का निर्माण किया जाए..
इस विचार को साकार किया अखिल बिंझवार समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष श्री परमेश्वर कुमार बिंझवार जी ने. कुलदेवी विंध्यवासिनी के पूजा अर्चना के साथ शहीद वीरनारायण सिंह तथा माधो सिंह को माल्यार्पण किया गया. सगाजनो एवं अतिथियों के स्वागत सत्कार तथा उद्बोधन के बाद सर्व सम्मति से “बिंझवार समाज अधिकारी कर्मचारी संघ इकाई कोटा जिला बिलासपुर” का गठन निम्नानुसार किया गया. अध्यक्ष श्री सहदेव प्रसाद सोनवानी, उपाध्यक्ष- श्री रजनीश कुमार नागेश्वर, सचिव श्री संजय कुमार बिंझवार, सहसचिव छबिलाल बिंझवार, कोषाध्यक्ष श्री साहेबलाल बिंझवार, मिडिया पाभारी श्री अरविन्द कुमार बिर्को, कार्यकारिणी सदस्य सर्वश्री परमेश्वर सोनवानी, पुन्नीलाल पालके,सतीश पालके, विजयकुमार पालके, दयाशंकर, देवेन्द्र पालके, चंद्रभान सिंह आर्मो, नारायण प्रसाद बिरको, बालकृष्ण बिंझवार,
संघ के कार्य योजना : समाज के अधिकारी कर्मचारियों की सूचि बनाना और संघ से जोड़ना. वार्षिक सदस्यता शुल्क : नियमित वेतन प्राप्त करनेवालों के लिए एक हजार रुपये वार्षिक तथा मानदेय कर्मियों के लिए पाच सौ रूपये वार्षिक तय किया गया.
अखिल बिंझवार समाज छत्तीसगढ़ के जिला इकाई बिलासपुर के लिए राजेन्द्र कुमार पालके अध्यक्ष, नंदलाल बिंझवार उपाध्यक्ष और शांतिलाल बिंझवार को सचिव मनोनीत किया गया .
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और मार्गदर्शक रमेशचंद्र श्याम कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष तथा विशिष्ट अतिथि अनिल ध्रुव प्रदेश संयोजक आदिवासी स्टूडेंट यूनियन, बद्री खैरवार प्रदेश सचिव खैरवार समाज रहे. अतिथियों को स्मृति चिन्ह के रूप में शहीद वीरनारायण सिंह पर 1987 में भारत सरकार द्वार जारी डाक टिकट की अनुकृति भेंट की गई ; जिसमे अमर शहीद को तोप से उड़ाते हुए दिखाया गया है.
रमेश चन्द्र श्याम

