छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा ने डॉ रश्मि सिंह धुर्वे (मरावी) को दैनिक भाष्कर “श्रेष्ठ शिक्षक” सम्मान के लिए किया नामित
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
समस्या चिरंतन है, चुनौती है. सामान्य जन उससे बचकर निकल जाते हैं लेकिन जो उसे चुनौती समझ कर समाधान का विकल्प निकाल लाते हैं वे श्रेष्ठ जन होते हैं. ऐसे ही श्रेष्ठ व्यक्तित्व के स्वामिनी हैं हमारे समाज में. वे वनस्पति शास्त्र में हरिसिंह गौर यूनिवर्सिटी सागर म.प्र. से M.Sc. हैं, गुरु घांसीदास सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी बिलासपुर से वनस्पति शास्त्र में Ph.D. उपाधि प्राप्त किया हैं. सम्प्रति वे छत्तीसगढ़ में बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड स्थित हाई स्कुल पाली में प्राचार्य हैं. ऐसी विदुषी महिला हैं डॉ. रश्मि सिंह (मरावी) धुर्वे.
डॉ. धुर्वे के पास बीस वर्षो का सुदीर्घ अध्यापन का अनुभव है. इस दौरान उन्होंने आदिवासी अंचल में सीमित संसाधनों के बीच शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए नवाचार और समर्पण का प्रमाण दिया है. उन्होंने शिक्क्षा के क्षेत्र में “नवाचार” पहल के तहत विद्यालय सञ्चालन में बाल सहभागिता, स्वछता, बालिका शिक्षा. पर्यावरण संरक्षण, सिकल सेल जागरूकता आदि को बढ़ावा दिया है. उनके अबतक बीस राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शोध पात्र प्रकाशित हो चुके हैं. उन्हें अनेकों सम्मान और पुरष्कार प्राप्त हुए है जिनमें शिक्षक नवाचार सामान तीन बार 2019, 2021, 2022, राज्यपाल शिक्षक सम्मान दो बार 2019, 2024. भारत सरकार की स्वच्छ विद्यालय पुरष्कार 2022, राज्य स्तरीय महिला शिक्षक उत्कृष्टता पुरष्कार दो बार 2022, 2024, शामिल हैं. उन्हें 2024 में पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति सम्मान से भी नवाजा गया है. वे महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में राज्य स्तरीय कर्मवीर रत्न सम्मान 2026 से भी विभूषित हैं.
डॉ. रश्मि सिंह धुर्वे सिर्फ अध्यापन कार्य तक ही सीमित नहीं रही बल्कि अपने सोच और कर्म से सामाजिक परिवर्तनकारी मातृशक्ति के रूप में भी उभरीं. उनकी सोच “ यदि बच्चियां माहवारी के दौरान स्कुल नहीं आ पाएंगी तो शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मसम्मान तीनो प्रभावित होंगे” ने उन्हें क्रांतिक कर्म की और उन्मुख किया. उन्होंने बालिकाओं को इस विषय पर व्यौहरिक रूप से जागरूक किया और विद्यालय में कम लागत में माहवारी प्रबंधन के लिए “इन्सिनरेटर” बनवाया जिसे यूनिसेफ ने माडल के रूप में मान्यता दी.
डॉ. धुर्वे सृजनधर्मी भी हैं. उनके अबतक तीन किताबे 1. Recent Trends and Prospects in Education system of India, 2.शासकीय विद्यालयों में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन एवं जागरूकता, 3.”किशोरावस्था में पोषण एवं स्वास्थ्य” प्रकाशित हो चुकी हैं . आगामी रचना मोबाइल, मिडिया और किशोरावस्था पर सृजन जारी है.
ऐसे विदुषी क्रांतिककर्मिणी मातृशक्ति डॉ. रश्मि सिंह (मरावी) धुर्वे को रमेशचंद्र श्याम प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा के नेत्रित्व में महासभा के पदाधिकारियों ने उनके निवास में जाकर सम्मानित किया. ज्ञात हो कि महासभा ने “ दैनिक भाष्कर श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान” के लिए डॉ. धुर्वे को नामित किया है.
इस गौरवपूर्ण क्षण के साक्षी रहे सर्वश्री समयसिंह गोंड कार्यकारी जिला अध्यक्ष, शिव चरण जगत कोषाध्यक्ष, जगदीश प्रसाद सिदार कार्यकारिणी सदस्य, अनिल ध्रुव प्रदेश संयोजक A.S.U. बद्री खैरवार प्रदेश सचिव खैरवार समाज.
रमेशचंद्र श्याम


