अधूरे टूटे बांध का निरक्षण करने पहुँचे अधिकारियों के सामने जनप्रतिनिधियों ने रखी बांध को बनाने की मांग
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
बालोद जिले के आदिवासी विकास खण्ड के आमाडुला गांव में स्थित बांध । कुछ सालों पहले पानी के तेज बहाव से टूट गया बांध अधूरा था बांध का गेट वाला हिस्सा टूट कर किसानों के खेतो में पहुँच गया जिससे किसानों को काफी नुकसान हुवा ग्रामीणों का सपना था कि बांध यदि पूरा बन जाता तो उनके खेतो में सिचाई के लिए पानी मिल जाता लेकिन ऐसा हुवा नही अधूरा बांध पूरा बनने से पहले ही टूट गया जिससे किसानों को काफी नुकसान हुवा ।हालाकि जलसंसाधन विभाग बालोद के द्वारा समय समय पर किसानों के खेतों में जो मिट्टी चली जाती है उसकी सफाई करवा दी जाती है लेकिन यह कोई परमानेंट समाधान नही है जिसके चलते ग्रामीण काफी परेसान है ग्रामीणों की मांग और सरपँच ग्राम पंचायत आमाडुला कमलेश दुग्गा ,जनपद सदस्य डौंडी तुलेश्वर हिचामी ,जनपद सदस्य डौंडी जनपद उपाध्यक्ष भोलाराम नेताम ने इस सभी समस्याओं को देखते हुए पूरे मामले को जलसंसाधन विभाग को अवगत करवाया जिसके बाद ग्रामीणों जनप्रतिनिधियों की मांग पर जलसंसाधन विभाग के एसडीओ सुरेश कुमार घिरेंद्र ,और इंजीनियर बांध पहुँचे टूटे बांध का निरक्षण किया और ग्रामीणों को बताया कि शासन स्तर पर सभी डॉक्युमेंट भेज दिए गए है ।स्वीकृति की देरी है लेकिन जैसे ही फंड आएगा काम किया जाएगा लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था के लिए जी राम जी योजना से काम करवाया जाए इस लिये प्रस्ताव मंगवा स्टीमेट बना कर काम करवाने की योजना है ।ताकि जिस जगह से बांध टूटा है उस के ऊपर वाले हिससे में तट बनाया जा सके जिससे जो पानी बांध में रुकना चाहिए वो रुक सके और आस पास के एरिया का भुजल स्तर सुधर सके और बांध में निस्तारी के लिए पानी रुक सके ।
निरक्षण के दौरान आमाडुला सरपँच कमलेश दुग्गा ,जनपद सदस्य डौंडी तुलेश्वर हिचामी ,जनपद सदस्य डौंडी जनपद उपाध्यक्ष भोला राम नेताम ,लक्षण दुग्गा ,केशव तारम ,जलसंसाधन के एसडीओ ,इंजीनियर के अलावा ग्रामीण मौजूद रहे


