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शासकीय पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास में छात्र संघ का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज 

मुख्य अतिथि एम.डी. ठाकुर ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दिलाई शपथ

राजनांदगांव, 15 अक्टूबर। शासकीय पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास, आर.के. नगर, राजनांदगांव में रविवार, 11 अक्टूबर को छात्र संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष श्री एम.डी. ठाकुर उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि उपज मंडी, राजनांदगांव के पूर्व उपाध्यक्ष श्री कोमल सिंह राजपूत ने की।

समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में कोरीन गोंडवाना समाज के महिला प्रभाग की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सुशीला नेताम, गोंडवाना समाज के अधिकारी-कर्मचारी प्रकोष्ठ के संभागीय संरक्षक एवं जनसंपर्क अधिकारी श्री चंद्रेश ठाकुर, सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष श्री मुकेश ठाकुर, नगर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. बी.एल. कुमरे, आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक संचालक श्री लोकेश चतुर्वेदी, सहायक खाद्य अधिकारी श्री धरमु किरंगे, श्री रोहित घराना, श्री बिट्टू कोमरे एवं श्री सुशील नेताम सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित थे।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री एम.डी. ठाकुर ने छात्र संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल मंडावी, उपाध्यक्ष श्री रुस्तम नुरेती, सचिव श्री मनीष रावत सहित सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं दायित्वों के निर्वहन की शपथ दिलाई।

विद्यार्थी जीवन उपलब्धियों की नींव : एम.डी. ठाकुर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री एम.डी. ठाकुर ने विद्यार्थी जीवन के महत्व एवं उद्देश्यों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थी जीवन को व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण कालखंड बताते हुए विद्यार्थियों से इस अवधि का सदुपयोग करने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।

कठिन परिश्रम, त्याग और समर्पण से मिलती है सफलता : कोमल सिंह राजपूत

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री कोमल सिंह राजपूत ने कहा कि दुनिया में कोई भी चीज सहज ही प्राप्त नहीं होती। प्रत्येक सफलता और उपलब्धि के लिए कठिन परिश्रम एवं त्याग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति पूरी ईमानदारी, नेकनीयती और लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ मेहनत करे, तो उसे सफलता अवश्य प्राप्त होती है।

चुनौतियां और संघर्ष व्यक्तित्व को निखारते हैं : चंद्रेश ठाकुर

विशिष्ट अतिथि एवं छात्रावास के पूर्व अध्यक्ष श्री चंद्रेश ठाकुर ने छात्रावास जीवन के महत्व, उद्देश्यों तथा छात्रावास के गौरवशाली इतिहास एवं विरासत के संबंध में अनेक रोचक और प्रेरणास्पद जानकारियां दीं। उन्होंने विद्यार्थियों को विद्यार्थी जीवन के प्रत्येक पल का सदुपयोग करने की सीख दी।

श्री ठाकुर ने कहा कि सफलता के लिए त्याग और संघर्ष आवश्यक हैं। जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने से पहले अनेक कठिन परीक्षाओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। जिस प्रकार सोना अनेक प्रक्रियाओं से गुजरकर कुंदन बनता है, उसी प्रकार चुनौतियां, संघर्ष और अभाव हमारे व्यक्तित्व को निखारकर हमें अधिक परिपक्व बनाते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को चुनौतियों से घबराने के बजाय उन्हें स्वीकार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि समय बीत जाने के बाद विवेक जागृत होने का विशेष लाभ नहीं रह जाता। इसलिए विद्यार्थियों को वर्तमान समय का महत्व समझते हुए उसका सदुपयोग करना चाहिए तथा जीवन में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर राष्ट्र, समाज, परिवार और अपने अंचल की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए।

अन्य अतिथियों ने भी किया विद्यार्थियों का मार्गदर्शन

इस अवसर पर डॉ. बी.एल. कुमरे, श्री मुकेश ठाकुर, श्री धरमु किरंगे एवं अन्य अतिथियों ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम, कर्तव्यनिष्ठा और लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम में छात्रावास अधीक्षक श्री मोहनीश उइके, श्री नागेश भुवर्य, श्री हरेन्द्र तराम सहित जिले एवं नगर के विभिन्न छात्रावासों के बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।