छत्तीसगढ़ गोंड़वाना गोंड़ महासभा
पंजीयन क्र. 2855
छ. ग. गों.गों. म. 165 20.10.2026, बिलासपुर
ग्राम बंजारी, नया रायपुर का बूढ़ादेव ठाना…. गोंडवाना का एक पवित्र धाम ….

नया रायपुर से बाहर गोंडवाना ग्राम है बंजारी ..। अक्सर लोग बंजारी धाम रायपुर के नाम से भ्रमित होते हैं। ग्राम बंजारी गोंडवाना समाज व्यवस्था के अंतर्गत ध्रुव गोंड़ समाज उपवारा परिक्षेत्र के अधीनस्थ ग्राम है। उपवारा परिक्षेत्र के अध्यक्ष हैं श्री शिव नंदन ध्रुवजी और जिला रायपुर के अध्यक्ष हैं श्री हेमलाल ध्रुवजी हैं। इसे बंजारी धाम के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ शिव मंदिर, बजरंगबली की विशाल मूर्ति, सल्ला गागरा तथा घोड़े पर सवार वीरनारायण सिंह की विशाल मूर्ति है।सामुदायिक भवन एवं बैठक के लिए खुला शेड भी है।
इस परिसर के बईगा पवन ध्रुव (छेदईहा) जी ने बताया कि गाँव में पैंतालीस घर के सगा हैं कुछ घर साहू और यादव समाज के है। परिसर में प्राकृतिक जंगल के अवशेष हैं जिसमें तेंदू, साजा सराई और महुआ के पेड़ है। साजा पेड़ के नीचे पत्थर के चबूतरे पर अमूर्त बूढ़ादेव स्थापित है। इसके स्थापना दादा शेरसिंह आँचला के हाथों हुआ है। जिसमें लाल, सफेद और काले रंग तिकोने झंडे लगे हुए हैं। ये प्राचीन और पारंपरिक झंडे हैं जो सतरंगी झंडे के पूर्वकालिक हैं और बस्तर में प्रचलित है। बस्तर में इसे पालो या पाल्हों के नाम से जाना जाता है। ये तीनों रंग लाल, सफेद और काला रंग क्रमशः सृजन शक्ति महामाई / बुढीमाई, पालनहार पितृशक्ति बूढ़ादेव तथा संहारक शक्ति कालीमाई के प्रतीक हैं। कुछ लोग काले ध्वज को शिव शक्ति और उनके चेलियों के नाम से भी जोड़ते हैं।
इस धाम से श्रीमती सुमन नेताम और श्याम लाल जगत जी भी जुडे हुए हैं। उनके सौजन्य से ही दर्शन का पुण्य अवसर प्राप्त हुआ।
बंजारी धाम में गोंडवाना के सभी प्रतीक और शक्ति विद्यमान हैं जो दर्शनीय है।
रमेश चंद्र श्याम

