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छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी मेडिकल चैन लक्ष्मी मेडिकल ग्रुप में इनकम टैक्स विभाग की दबिश

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  • छापे में खुल रहा करोड़ों का टैक्स चोरी घोलमाल
  • करोड़ों का कमीशन का खेल!
  • गड़बड़ीइतनी की दो दिन और लगेंगे जाँच में?

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े मेडिकल स्टोर चैन लक्ष्मी मेडिकल ग्रुप में पड़े आयकर विभाग को 6 प्रमुख स्थानों में सर्वे के दौरान करोड़ों रुपए के लेनदेन के दस्तावेज मिले है। इस समय उनके मेडिकल कॉम्प्लेक्स, शास्त्री चौक, गुढिय़ारी, भनपुरी स्थित पेट्रोकेमिकल फैक्ट्री और आंबेडकर अस्पताल चौक स्थित दो दुकानों में जांच चल रही है। यहां तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में कच्ची रसीदें और दवाइयों के कमीशन के दस्तावेज मिले हैं।
अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार फर्म के संचालकों को दवाइयों में 30 फीसदी तक कंपनियों द्वारा कमीशन दिया जाता था। लेकिन, रजिस्टरों में वह 18 से 19 फीसदी ही दिखाकर फर्म को नुकसान में चलना दिखा रहे थे। उनके द्वारा आयकर रिटर्न में करीब 25 करोड़ रुपए का वार्षिक टर्नओवर दिखाया गया है। लेकिन, जांच के दौरान इससे कहीं अधिक उनकी आय मिली है। इसे देखते हुए आयकर विभाग के अधिकारी दस्तावेजों की जांच करने के साथ फर्म के संचालकों से पूछताछ कर उनका बयान ले रहे है।
आपको बता दें कि आयकर विभाग की 40 सदस्यीय टीम लक्ष्मी मेडिकल ग्रुप के 13 ठिकानों पर सर्वे शुरू किया है। प्राथमिक जांच के बाद इस समय 6 प्रमुख स्थानों पर जांच की जा रही है। करोड़ों का स्टॉक तलाशी के दौरान लक्ष्मी मेडिकल स्टोर के सभी दुकानों में निर्धारित मात्रा से अधिक स्टॉक मिला है। इसमें मंहगी और विदेशी दवाइयां शामिल है। इसकी आपूर्ति छोटी दुकानों में ऑर्डर देने के बाद की जाती थी। वहीं खरीदार को निर्धारित कीमत को बढ़ाकर कुछ छूट दी जाती थी। वहीं रजिस्टरों में इसका मूल कीमत के आधार पर किया जाता था। बताया जाता है कि लगातार मिल रही गड़बडी़ को देखते हुए स्टॉक का मूल्यांकन करने के साथ ही फर्म की कुल संपत्तियों का हिसाब भी किया जा रहा है। फैक्ट्री में बोगस एंट्री भनपुरी स्थित कोलंबिया पेट्रोकेमिकल्स में मेडिकल सामानों और दवाइयों के उत्पादन को जानबूझकर कम दिखाया जाता था। बताया जाता है कि यहां अधिकांश माल बाहर से मंगवाया जाता था। लेकिन, आवक-जावक रजिस्टरों में हेराफेरी की जाता थी। इसके लिए कुछ विशेषज्ञों को रखा गया था। इसकी निगरानी फर्म के संचालकों द्वारा रखी जाती थी।
आयकर विभाग के आधिकारियों ने बताया कि लगातार मिल रही गड़बडी़ को देखते हुए अतिरिक्त टीम को जांच के लिए तैनात किया गया है। इसके एक दो दिन और चलने की संभावना उन्होंने जताई है।

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