माँ ने दी दस वर्षीय बेटे को अपने लिवर के एक भाग का हिस्सा दान.

March 6, 2020 Jiwrakhan lal ushare
मुंबई मुलुंड स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल में डॉ. स्वप्निल शर्मा ने की ट्रासप्लांट
रायपुर दस वर्षीय सिद्धार्थ यादव को जुलाई 2०19 को जॉन्डिस (पीलिया) हुआ। जिसका मुंबई के मुलुंड स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल में जांच के दौरान पाया गया कि उसके पेट में बड़े पैमाने पर तरल पदार्थ जमा हो गया है, जो संक्रमित हो चुका है। ऐसे में सिद्धार्थ का लिवर ट्रान्सप्लांटेशन कराने के अलावा कोई रास्ता नही था। डॉ. स्वप्निल शर्मा ने बताया कि लिवर ट्रांसप्लाटेशन के लिए सिद्धार्थ का निरीक्षण किया गया, आखिरकार उनकी माँ को योग्य डोनर के रूप चयनित कर कानूनी प्रक्रियाओं की खानापूर्ति उपरांत ऑपरेशन माँ की लिवर के बांए भाग का हिस्सा उनके बेटे के शरीर में इम्प्लांट किया गया। ऑपरेशन के बाद कुछ दिनों बाद सिद्धार्थ की हालत में तेजी से सुधार होने लगा, उसका जॉन्डिस ठीक हो गया, पेट में संक्रमित तरल पदार्थों का जमाव खत्म हो गया और वह दो सप्ताह में ही अस्पताल से छुट्टी लेकर अपने परिवार के साथ वापस छत्तीसगढ़ अपने $गृह निवास बिलासपुर लौट आया। डॉ. स्वप्निल शर्मा ने बताया कि बीमारी की वजह से सिद्धार्थ का स्कूल छुट गया था, अब वह कुछ महीनों उपरांत स्कूल जा सकेंगा, इस ऑपरेशन में उनके परिजन व रेड क्रॉस सहित सामाजिक संस्थानों ने भी सिद्धार्थ के ऑपरेशन के लिए पैसे जुटाये। सिद्धार्थ की माँ पूर्णिमा यादव ने बताया कि शुभचिंतकों और सामाजिक संस्था व फोर्टिस के डॉ. स्वप्निल शर्मा व उनकी टीम ने मेरे बेटे की सर्जरी के लिए सहयोग किया, जिसके लिए मैं उनकी आभारी रहूंगी, मैंने कई महीनों के बाद अपने बेटे को मुस्कुराते हुए देखा है, यह मेरे लिए नया जीवनदान मिलने जैसा है। डॉ. शर्मा हर महीने दूसरे शनिवार को रायपुर में ओपीडी के लिए विजिट करते हैं। 11 अप्रैल व 9 मई को साहू डायग्रोन्स्टिक सेंटर, फरिश्ता कॉम्प्लेक्स में परामर्श के लिए उपलब्ध
