पाठ जात्रा” के साथ शुरू हुई बस्तर दशहरे की शुरुआत


75 दिनों तक चलने वाले दशहरे की रस्म अदा की गई माचकोट के जंगल से लाए गोले की पूजा से
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जगदलपुर (बस्तर)। बस्तर दशहरा की शुरुआत हरियाली अमावस पाठ जात्रा पूजा विधान से शुरू की गई। बस्तर दशहरा समिति के द्वारा बस्तर संभाग के गणमान्य नागरिकों माझी चालकी मेंबर पुजारी राउत एवं जनसमुदाय भी इस मौके पर उपस्थित रहे। दंतेश्वरी मंदिर के सामने बेड़ा उमरगांव के बढ़ई दलपाति और खाता पुजारी देवनाथ माझी चालकी उपस्थिति में मोगरी मछली बकरा काटकर पूजा अनुष्ठान किया गया। मां दंतेश्वरी सहित अन्य देवी देवताओं की आराधना साधना की गई । पाठ जात्रा विधान में दशहरा रथ के लिए इस्तेमाल होने वाली लकड़ी के एक गोले की विधि विधान से पूजा की गई। इस पूजा अर्चना में मांझी चालकी मेंबर सभी मौजूद रहे । सरगी लकड़ी का खोटला लाने की जिम्मेदारी कई वर्षों से ग्राम बिलोरी के ग्रामीण निभा रहे हैं ।बस्तर दशहरा रथ के लिए पहली लकड़ी लाने का अधिकार बिलोरी गांव को दिया गया है । 75 दिनों तक चलने वाला विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा हिंदुस्तान में सबसे बड़ा दशहरा पर्व है । आज पाठ जात्रा पूजा से बस्तर दशहरे की आगाज की गई।
