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दल्लीराजहरा जंगल में 25 हाथियों का दल पहुंचा, सैकड़ों एकड़ फसल रौंदकर किया बर्बाद, दहशत में ग्रामीण और वन अमला

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By: जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज

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Published: 17 Oct 2020,

दल्लीराजहरा जंगल में 25 हाथियों का दल पहुंचा, सैकड़ों एकड़ फसल रौंदकर किया बर्बाद, दहशत में ग्रामीण और वन अमला

Whild elephant in Balod: बालोद जिले के दल्लीराजहरा वन रेंज में चंदा हथिनी के साथ 25 हाथियों के दल के प्रवेश से हड़कंप मच गया है। हाथियों ने सैकड़ों एकड़ धान की फसल को बर्बाद कर दिया है। हा

बालोद. जिले के दल्लीराजहरा वन रेंज में चंदा हथिनी के साथ 25 हाथियों के दल के प्रवेश से हड़कंप मच गया है। हाथियों ने सैकड़ों एकड़ धान की फसल को बर्बाद कर दिया है। हाथियों का दल शुक्रवार की शाम डौंडी वन रेंज की ओर बढ़ गया है। हाथियों के दल से जान माल का कोई नुकसान न हो इसके लिए बालोद वन परिक्षेत्र, दल्लीराजहरा वन परिक्षेत्र एवं डौंडी वन परिक्षेत्र की संयुक्त टीम हाथियों पर निगरानी रखे हुए है। इसमे डीएफओ समेत लगभग सौ से ज्यादा वन कर्मी शामिल हैं।

दशहत में ग्रामीण 
बालोद जिले में हाथियों ने गुरुर, दल्लीराजहरा और डौंडी के जंगल में दस्तक दी है। हाथियों के आने की खबर मिलते ही ग्रामीण रातभर सो नहीं पाए। वन विभाग का अमला भी निगरानी करते रहा। जिले के गुरुर ब्लॉक के ढोकला, बड़भूम जंगल में गुरुवार दोपहर 2 बजे हाथियों का दल देखा गया। खबर मिलते ही वन अमला निगरानी में लगा रहा। इसके बाद दल दल्लीराजहरा रेंज में पहुंच

रौंद डाला सैकड़ों एकड़ फसल 
हाथियों का दल गुरुवार शाम 5 बजे से शुक्रवार दोपहर 3 बजे तक लगभग 22 घंटे दल्लीराजहरा रेंज में ही डटा रहा। ग्राम सिंघोला, पुतरवाही, धनवापारा, मथेना, गोटूरमुढ़ा, मंगलतराई, मुल्लेगुड़ा परकालकसा एवं जबकोड़ा क्षेत्र में खेतों मेें धान की फसल को रौंद डाला है। इसके बाद यह दल डौंडी रेंज के जंगल में पहुंच गया। जो देर रात तक वहीं बना रहा। वन विभाग ने हाथियों के दल केबस्तर रेंज में जाने की आशंका जताई है। हाथियों के दल के अचानक गुरुर से लेकर दल्लीराजहरा रेंज तक 25 गांवों में पहुंचने से हड़कंप मच गया है। 

राहत की बात- रिहायशी इलाके में नहीं पहुंचा दल
हाथियों का दल जिले के वन क्षेत्र से लगे गांव के करीब जंगलों में ही विचरण करते हुए आगे बढ़ रहा है। राहत की बात यह है कि अभी गांव के रिहायशी इलाकों में नहीं पहुंचे हैं। वन विभाग को भी यही डर है कि हाथी गांव में न घुस जाएं, लेकिन अभी तक ऐसी स्थिति निर्मित नहीं है।दल्लीराजहरा जंगल में 25 हाथियों का दल पहुंचा, सैकड़ों एकड़ फसल रौंदकर किया बर्बाद, दहशत में ग्रामीण और वन अमला

सैकड़ों एकड़ फसल का किया नुकसान 
गुरुर, बालोद एवं डौंडी ब्लॉक के जंगल के रास्ते हाथी खेत से होकर गुजरे हैं। जिन गांवों के खेत की फसल को हाथियों ने रौंदा है, उसके नुकसान का पता लगाने कृषि, राजस्व व वन विभाग की टीम जाएगी। वन क्षेत्र से लगे गांवों के सैकड़ों एकड़ फसल को नुकसान पहुंचाने की जानकारी मिल रही है। सही आंकड़ा आंकलन के बाद ही पता चल पाएगा।

गांवों में कराई गई मुनादी, मोटरपंप की बिजली बंद करवाई 
हाथियों के दल की खबर के बाद जंगल क्षेत्र के गांवों में लोगों को सतर्क करने मुनादी कराई गई है। यही नहीं लोगों को जंगल नहीं जाने की भी अपील वन विभाग ने की है। विभाग ने सुरक्षा के लिहाज से खेतों में मोटरपंप के बिजली कनेक्शन को भी बंद करवा दिया है। हालांकि वन विभाग लोकेशन के आधार पर हाथियों पर निगरानी रखे हुए है।

गन्ने के खेत में दिखा था बाघ
जिले में हाथियों के दल आने से पहले जनवरी में बाघ आने की खबर से पूरा जिला दहशत में था। बाघ को पकडऩे की घटना ताजा हो गई। जनवरी के प्रथम सप्ताह में ही डौंडीलोहारा ब्लॉक के गांव व फिर 3 जनवरी को बालोद ब्लॉक के लाटाबोड़ में बाघ देखे जाने के बाद पूरे जिले में हाई अलर्ट कर दिया गया था। मुनादी कराई गई कि लोग रात में घरों से बाहर न निकलें। ग्राम लाटाबोड़ के गन्ने के खेत में बाघ देखने की खबर के बाद वन विभाग ने अचानकमार अभयारण्य से टीम बुलाकर रेस्क्यू किया था, लेकिन बाघ नहीं मिला। रेस्क्यू के दूसरे दिन बाघ के पैर का निशान गुरुर ब्लॉक के जंगल क्षेत्र से लगे गांव के खेत में देखने को मिले। वन विभाग से यह सूचना आई की बाघ जंगल से होते हुए जिले से बाहर चला गया। इस घटना ने राजनादगांव, बालोद, कांकेर जिले के लोगों व वन अमले को दहशत में डाल दिया था।