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शिक्षकों को मुफ्त का वेतन ले रहो कहना बालोद DEO को पड़ गया भारी, मैसेज वायरल हुआ तो अधिकारी को मांगनी पड़ी माफी

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By: जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज

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Published: 21 Oct 2020,

शिक्षकों को मुफ्त का वेतन ले रहो कहना बालोद DEO को पड़ गया भारी, मैसेज वायरल हुआ तो अधिकारी को मांगनी पड़ी माफी

सरकारी स्कूल के शिक्षकों को आप सब में मुफ्त का वेतन लेने की प्रवृत्ति बढ़ गई कहना अधिकारी पर इस कदर भारी पड़ा कि उन्हें माफी मांगने का आश्वासन देना पड़ गया।

बालोद. जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) द्वारा वाट्सएप ग्रुप में शिक्षकों पर की गई टिप्पणी से बवाल मच गया। सरकारी स्कूल के शिक्षकों को आप सब में मुफ्त का वेतन लेने की प्रवृत्ति बढ़ गई कहना अधिकारी पर इस कदर भारी पड़ा कि उन्हें माफी मांगने का आश्वासन देना पड़ गया। टीचर्स पर टिप्पणी से नाराज छत्तीसगढ़ शिक्षक फेडरेशन संघ ने मंगलवार को वाट्सएप मैसेज वायरल होने के बाद डीईओ कार्यालय का घेराव कर दिया। चार बजे से लेकर देर शाम साढ़े छह बजे तक शिक्षक संघ अधिकारी के सामने डटा रहा। घेराव के दौरान जब डीईओ आएएल ठाकुर ने वाट्सएप ग्रुप में माफी मांगने की बात कही, तब जाकर मामला शांत हुआ। शिक्षकों ने संभलकर टिप्पणी करने की हिदायत भी डीईओ को दे डाली।

मौके पर पहुंची एसडीएम 
डीईओ की टिप्पणी से नाराज संघ के महामंत्री चंद्रभान निर्मलकर ने कहा कि यह गलत है। शिक्षा विभाग के जिला अधिकारी, शिक्षकों के बारे में इस तरह के शब्द का उपयोग नहीं कर सकते। नाराजगी अपने जगह पर पद की एक मर्यादा होती है। जिला अध्यक्ष राधेश्याम साहू ने कहा कि डीईओ को हर हाल में माफी मांगनी ही होगी। नाराज शिक्षकों के आंदोलन को देखते हुए एसडीएम सिल्ली थामस, तहसीलदार रश्मि वर्मा, थाना प्रभारी जीएस ठाकुर भी मौके पर पहुंच गए थे।

विवाद की यह है वजह
जिला शिक्षा अधिकारी के बीईओ व एबीओ नाम के एक वाट्सएप गु्रप में डीईओ ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश करते हुए लिखा कि जिले के चार सौ प्राथमिक शालाओं में नेशनल स्कॉलरशिप के लिए केवाईसी नहीं किया गया है। जो बड़ी लापरवाही व उदासीनता है। कई बार निर्देश दिए हैं फिर भी परिणााम निराशाजनक है। इसके बाद डीईओ ने टिप्पणी कर दी। जिससे शिक्षक नाराज हो गए।