दशहरा: पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स ने किया शस्त्र पूजन, SP ने दी रखिया की प्रतीकात्मक बलि, देवी जया और विजया को अर्पित किए पुष्प
By: जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज
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रामायण और महाभारत काल से इस पूजा का चलन चल रहा है। पुलिस, भारतीय सेना और पैरामिलिट्री फोर्स आज भी इस परंपरा को निभाती है और दशहरे के दिन अस्त्र-शस्त्र की पूजा करती है।
दुर्ग. आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है। नवमी और दशमी एक साथ होने की वजह से आज ही विजयादशमी का पर्व मनाया जा रहा है। ज्योतिषों के अनुसार, सुबह 7 बजकर 41 मिनट के बाद दशमी तिथि लग गई। इस दिन देवी अपराजिता की पूजा की जाती है और इस पूजा में मां रणचंडी के साथ रहने वाली योगनियों जया और विजया को पूजा जाता है। रामायण और महाभारत काल से इस पूजा का चलन चल रहा है। पुलिस, भारतीय सेना और पैरामिलिट्री फोर्स आज भी इस परंपरा को निभाती है और दशहरे के दिन अस्त्र-शस्त्र की पूजा करती है। दुर्ग पुलिस और बीएसएफ भिलाई मुख्यालय में जवानों ने शस्त्र पूजन किया। दुर्ग एसपी प्रशांत ठाकुर ने शस्त्र पूजन के बाद रखिया की प्रतीकात्मक बलि भी दी।
