ग्रामीण विशेषछत्तीसगढ़ सरकार

वीर मेला में पारंपरिक वैद्य, गुनिया,सिरहा के लिए होगा अलग से स्थान सुरक्षित

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण
वीर मेला आयोजन समिति राजाराव पठार की आवश्यक बैठक मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष शिशुपाल शोरी विधायक कांकेर , संसदीय सचिव छत्तीसगढ़ शासन की अध्यक्षता में मेला स्थल पर आहूत की गई। बैठक में मेला की तैयारी पर चर्चा हुआ। ज्ञात हो प्रतिवर्ष छ.ग. सर्व आदिवासी समाज के संरक्षण में आदिवासी समाज जिला बालोद,कांकेर एवं धमतरी के संयुक्त तत्वावधान में वीर नारायण सिंह शहादत दिवस 8,9 एवं 10 दिसम्बर को राजराव पठार तहसील गुरूर जिला बालोद में आयोजित किए जाते हैं। इस ऐतिहासिक मेले में विभिन्न जिलों के आदिवासी समाज के साथ सभी वर्गों के लोग भी लाखों की तादाद में हिस्सा लेेतेे हैं।आस-पास के गावों में इस दिन समाज द्वारा त्यौहार के रूप में मनाते हुये सभी काम बन्द रखा जाता है। इस वर्ष देव मड़ई,शहीद वीर नारायण सिंह को श्रध्दान्जलि , आदिवासी महापंचायत एवं आदिवासी संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु आदिवासी हाट एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। इस वर्ष कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए मेला में आने वाले लोगों से समिति द्वारा अपील की गई है कि सोशल डिस्टेंसिंग, फेस मास्क एवं समय-समय पर इसके बचाव हेतु शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए कार्यक्रम में हिस्सा लें। कोविड-19 को देखते हुए इस वर्ष पारंपरिक रूप से स्वास्थ्य की रक्षा हेतु पारंपरिक वैद्य, गुनिया, सिरहा एवं आयुर्वेद के जानकार लोगों के लिए अलग से स्थान सुरक्षित किया जावेगा। जिससे मेला में आने वाले लोग पारंपरिक वैदकीय चिकित्सा का लाभ प्राप्त कर सके। कंकाली क्षेत्र के सभी गांव के सामाजिक गण बारी-बारी से मेला क्षेत्र की साफ-सफाई हेतु टीम गठित कर चुके हैं।
बैठक में मेला समिति महिला प्रभाग के अध्यक्ष श्रीमती कांति नाग, महासचिव आरएन ध्रुव, कोषाध्यक्ष यूआर गंगराले, सर्व आदिवासी समाज जिला धमतरी के अध्यक्ष जीवराखन लाल मरई, सचिव व कंकालिन क्षेत्र के अध्यक्ष भागीरथी नागवंशी, सचिव बलराम गोटी, मीडिया प्रभारी,कृष्ण कुमार ठाकुर, नारायण सिंह वट्टी, सचिव सुंदरसिंह नागवंशी, एस एस ठाकुर, श्रीमती संतोषी ठाकुर, युवा प्रभाग के नागेश सलाम एवं देव समिति के सदस्य विशेष रुप से उपस्थित थे।