रायपुर | सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ के दिनांक 27 जनवरी 2021 को प्रदेश अध्यक्ष सोहन पोटाई के आह्वान पर प्रदेश स्तरीय  ऑनलाइन वर्चुअल मीटिंग आहूत किया गया था,जिसमे प्रान्त पद्दाधिकारी,युवा प्रभाग,महिला प्रभाग,जिलाध्यक्षों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ!

छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा विभिन्न विभागों में आरक्षण के बगैर पदोन्नति से आदिवासी वर्ग के कर्मचारियों को पदोन्नति में वंचित रहना पड़ जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा 5 फरवरी 2022 को  सहायक शिक्षक एल. बी संवर्ग  से शिक्षक एवं प्रधान पाठक प्राथमिक शाला तथा शिक्षक एल. बी.संवर्ग से प्रधानपाठक पूर्व माध्यमिक शाला के पदों पर दिनांक 31 जनवरी 2022 तक पदोन्नति करने का आदेश जारी किया गया है,परन्तु  वर्तमान में अनुसूचित जाति एवं जनजाति में आरक्षण मामला कोर्ट में सुनवाई हेतु प्रक्रियाधीन है ऐसी स्थिति में पदोन्नति में जल्दबाजी करना अनुचित होगा। आरक्षण रोस्टर के बगैर पदोन्नति से राज्य के अनुसूचित जाति के 13% व अनुसूचितजनजाति वर्ग के 32% आरक्षण से वंचित हो जाएंगे,

 

आनलाईन वर्चुअल मिटिग

छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा क्वांटिफियेबल डाटा में अनुसूचित जाति व जनजाति वर्गों के अपर्याप्त प्रतिनिधित्व की अनुशंसा सहित पदोन्नति में आरक्षण जारी रखने अनुमोदित किया गया है, पदोन्नति कुछ पद सीधी भर्ती का भी है इन विसंगतियों के होते हुए और पदोन्नति में आरक्षण के अंतिम सुनवाई से पहले पदोन्नति करने से इस प्रदेश के अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के कर्मचारी एवं युवाओं के साथ अन्याय होगा एवं प्रावधानित संवैधानिक अधिकारों का भी हनन होगा। उक्त पदोन्नति में छत्तीसगढ़ प्रदेश के आदिवासी शिक्षकों एवं अन्य विभागों में हो रहे पदोन्नति से वंचित रह जाएंगे इस विषय पर विभिन्न संगठनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री,मंत्री, विभाग प्रमुख को निवेदन और चेतावनी भी दिया गया हैं,परंतु अभी तक छत्तीसगढ़ शासन की विभागों के द्वारा पदोन्नति में ना ही स्थगन किया गया है,और ना ही कोई आश्वासन दिया गया है आदिवासी समाज के शासन की दुर्भावना के कारण हो रही क्षति के चलते सर्व आदिवासी समाज ने प्रस्ताव किया है कि अगर शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों में बिना आरक्षण के हो रहे पद्दोन्नति को तत्काल स्थकित नही किया गया तो सर्व आदिवासी समाज 4 फरवरी 2022 को राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में  महाबंद करने का निर्णय लिया गया है एवं  आरक्षित वर्ग के कर्मचारी एवं अनुसूचितजनजाति ,अनुसूचित जाति, एवं अन्य पिछड़ावर्ग  के समस्त प्रदेश अध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष इस महाबंद को सफल बनाने अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने अपील की है!