सामाजिक

कॉलेजियम सिस्टम समाप्त कर सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट , उच्च न्यायिक सेवा के जजों व सरकारी वकीलों /विधि अधिकारियों की नियुक्ति अखिल भारतीय न्यायिक सेवा के माध्यम से हो–आरएन ध्रुव

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज 
हमारे देश में न्याय पालिका के सर्वोच्च न्यायालय,उच्च न्यायालयों मे 77 वर्ष बाद भी जजों और सरकारी वकिलों का चयन प्रतिनिधित्व, परीक्षा, मेरिट पारदर्शिता प्रणाली से नही हो रहा है।जबकि अन्य सेवाओं जैसे आईएएस/आईपीएस आदि सेवा मे चयन के लिये यूपीएससी, राज्य सेवा के लिये पीएससी द्वारा लिखित परीक्षा, साक्षात्कार आयोजित कर मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया से नियुक्ति होता है। उसी तरह संविधान के अनुच्छेद 312( 1,3,4) मे अखिल भारतीय न्यायिक सेवा का गठन कर व उच्च न्यायिक सेवा के जजों की नियुक्ति के प्रावधान बनाये जाने का उल्लेख है। पर इसका लाभ देश के बहुसंख्यक वर्ग अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के योग्यता धारी प्रतिभाओं को नही मिल रहा है और इस कमजोरी का लाभ सभ्रांत कहे जाने वाले कुछ विशेष जाति वर्ग के ही वकीलों द्वारा कालेजियम सिस्टम से जज बन कर बहुसंख्यकों के मामलों मे निर्णय आदेश दे रहे हैं जो नियुक्ति मे पारदर्शिता,समता, सामाजिक न्याय , प्रतिनिधित्व के संवैधानिक सिंद्धातों के विपरीत है और इसी कमजोरी के कारण अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग बहुसंख्यक वर्ग के पीड़ितों को समय पर उचित न्याय नही मिल पा रहा है ।
अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय सचिव गोंडवाना गोंड महासभा आर.एन. ध्रुव द्वारा माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी , प्रधानमंत्री भारत सरकार नई दिल्ली, देश के सांसदों ,विधायकों समाजिक प्रमुखों को पत्र लिखकर शीघ्र उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालयों ,उच्च न्यायिक सेवा के जजों व सरकारी वकीलों विधि अधिकारियों की नियुक्ति के लिये वर्तमान चयन प्रणाली को समाप्त कर अखिल भारतीय न्यायिक सेवा / विधि अधिकारी सेवा का गठन स्थापना के लिये एतिहासिक निर्णय लेकर शीघ्रातिशीघ्र बहुसंख्यक वर्ग अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग को न्ययपालिका मे पारदर्शिता के साथ उचित प्रतिनिधित्व देकर शीघ्र न्याय,समता एवं सामाजिक न्याय दिलाने का आदर्श स्थापित करने हेतु निवेदन किए है। ज्ञात हो अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा का 15 वां राष्ट्रीय महाधिवेशन झाड़सुगुड़ा उड़ीसा में 11, 12, 13 फरवरी 2023 को आयोजित है। इस कार्यक्रम में भी कॉलेजियम सिस्टम को समाप्त करने हेतु प्रमुखता से प्रस्ताव पारित केंद्र सरकार को भेजें जाएंगे।