गवरा कलश स्थापना एवं बड़ादेव महापूजन स्थान- दर्शनवापारा, जि. नुआपड़ा (ओडिशा)
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज
दिनांक 22.05.2023 सोमवार समय शाम 4 बजे से रात्रीकालीन
मान. तिरूमाल / तिरूमाय.
गोंडी संस्कृति विश्व संस्कृति की जननी और जनक है। व्यक्ति से परिवार और परिवार से समाज का निर्माण होता है और हर समाज की अपनी रीति-नीति परम्परा और संस्कृति ही समाज की पहचान होती है । धर्म पिता तुल्य, भाषा माता तुल्य के साथ संस्कृति और कला गोंड समाज की विशेष पहचान है। इसी गोंडी धर्म संस्कृति को अक्षुण्य बनाये रखने, भय और भ्रम को मिटाने तथा नेंग जोग रूढी प्रथा संस्कृति परम्परा को संरक्षित करने गोंडवाना व सगा समाज के संयुक्त तत्वधान में गवरा कलश स्थापना एवं बड़ादेव महापूजन कार्यक्रम का आयेजन रखा गया है। जिसमें आपसभी सादर आमंत्रीत है।
गुरुदेव परम्श्द्धेय महाकाल दुर्गेभगत जगत सिदार जी एवं करुणामयी गुरु माता दुर्गे दुलेश्वरी दाई के आशीर्वाद एवं सानिध्य में तथा गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति ओडिशा एवं गोंडवाना सेवा संघ और द्रष्टअतः समस्त मातृ-पितृ शक्ति, युवा युवती शक्ति तन-मन-धन से कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना – अमुल्य सहयोग प्रदान करेगें। आपका सहयोग ही समाज के विकास और एकता का प्रतीक है।संपर्क बजरंग माझी 9668708550घनश्याम सुन्दर नेटी – 9937126969 दिनेश कुमार मंडावी – 9337362757जिराखन माझी- 8018798207दिनेश कुमार माझी- 8018359709
अनुरोध मातृशक्ति प्रकृति धर्म का पालन कर तथा पितृशक्ति धोती धारण कर बिना नशापान के कार्यक्रम में प्रवेश करे ।
विनीत गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति ओडिशा गोंडवाना सेवा संघ और दृष्ट नुआपड़ा एवं समस्त गोंडवाना समाज नुआपड़ा
40आयोजक – गोंड समाज दर्शनवापारा
सांस्कृतिक कार्यक्रम
गोंडवाना के महतारी कर्मा नर्तक दल (गौर झुमर, जिला- कवर्धा) गोडवाना के आशिष कर्मा नर्तक दल, गोलामाल जिला गरियाबंध इशर गवरा अखाडा दल, जिला – कवर्धा

