समय के साथ समाज को शिक्षा रूपी अस्त्र को अपनाना होगा–आर एन ध्रुव
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज़
गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी रुद्रेश्वर महादेव के पुण्य धरा स्थित ग्राम-रुद्री में विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम का आयोजन आदिवासी ध्रुव गोंड समाज रुद्री द्वारा बाजार चौक, रुद्री धमतरी में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री गुरुमुख सिंह होरा पुर्व विधायक धमतरी,अध्यक्षता श्री आर. एन. ध्रुव प्रदेश अध्यक्ष अ.ज.जा.शा.से.वि.संघ छ.ग,अति विशिष्ठ अतिथि डॉ. जी. एस. ठाकुर, संचालक – श्री गणपति अस्पताल अम्बेडकर चौक, धमतरी, डॉ. चंद्रशेखर ध्रुवा, संचालक यश डायग्नोसिस रुद्री रोड, धमतरी , विशिष्ठ अतिथि श्री वेदप्रकाश ध्रुव प्रदेश अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग धमतरी, श्रीमती अनिता यादव सरपंच आदर्श ग्राम रुद्री,श्री कन्हैया नागवंशी मुडाउपाध्यक्ष बेंद्रानवागांव, श्री जोहन कुंजाम मुडा उपकोषाध्यक्ष बेंद्रानवागांव, श्री भोंदुराम नेताम मुडा संरक्षक बेंद्रानवागांव, श्री वसीम कुरेशी, श्री सुशांत कानपिल्लेवार पूर्व सरपंच थे। इस अवसर पर मणिपुर हिंसा,समान नागरिक संहिता सहित आदिवासियों के साथ हो अन्याय के खिलाफ भव्य आक्रोश रैली निकाली गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री होरा जी ने कहा कि आदिवासी समाज बहुत ही संगठित समाज है। मणिपुर में आदिवासियों के ऊपर हो रहे हिंसा को दुर्भाग्यजनक बताते हुए उसकी घोर भर्त्सना किए। उन्होंने आसपास के गांव से आए हुए नर्तक दलों को दो– दो का नगद प्रोत्साहन राशि दिए। साथ ही रुद्री में गोंडवाना भवन बनाने हेतु आश्वस्त किए। कार्यक्रम के अध्यक्ष आर.एन. ध्रुव ने कहा कि पहले हमारे पूर्वज अस्त्र-शस्त्र,अपने बाजुओं में ताकत की बदौलत वर्षों तक राज किए। समय के साथ लड़ाई की परिभाषा बदल गई है।अब समाज को शिक्षा रूपी अस्त्र को अपनाकर अन्य समाज की बराबरी में आना होगा। कार्यक्रम में संरक्षक श्री नीरज नेताम, सहसरक्षक श्री परस ओटी,अध्यक्ष श्री जगमोहन कुंजाम,उपाध्यक्ष श्री टीकम शोरी,सचिव श्री हेमन्त कुमार मंडावी, कोषाध्यक्ष मनीष मरकाम, उपकोषाध्यक्ष श्री हीरामन सिह उईके,अध्यक्ष सचिव मातृ शक्ति श्रीमती गोमती बाई शोरी,सचिव श्रीमती नंदकुमारी नेताम, कोषाध्यक्ष भानुमती ध्रुव एवं समस्त महिला गण ,सदस्य श्री मन्नुराम ओटी, श्री भरत मंडावी, श्री चैतराम ध्रुव, श्री रमेशर ध्रुव, श्रीमती रुखमणी ध्रुव,श्रीमती सुजाता ध्रुव, श्रीमती सरस्वती ठाकुर ,श्रीमती दीपलता ध्रुव सहित बड़ी संख्या में आसपास के गावों से बड़ी संख्या में आदिवासी गण उपस्थित थे।

