कब तक पार्टी भक्ति में अंधे बनकर अपने बच्चों का भविष्य बरबाद करते रहोगे अकबर कोर्राम
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज़
सभी सरकारों के भेदभाव पूर्ण रवैये के कारण आज भी सर्व समाज,अनुसूचित जाति- जनजाति,ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) सामाजिक,शैक्षणिक, आर्थिक,राजनीतिक, धार्मिक, पारंपरिक, सांस्कृतिक एवं विभिन्न क्षेत्रों में पीड़ा सहन कर रहे हैं।
ऐसे तमाम षड्यंत्रों के बाद भी हमने अनेक वर्षों के संघर्ष के पश्चात् जो कुछ भी अपनी योग्यता के आधार पर अधिकार प्राप्त किया है,वह सरकारें अपनी नयी नीतियों एवं संशोधन के नाम पर समाप्त कर रही है।
राज्य सरकार द्वारा भी हमें विभिन्न क्षेत्रों में ठगा गया है और हमारी घोर उपेक्षा की है। राज्य सरकार ने अभी वर्तमान में पीएससी भर्ती में अपने करीबी लोगों को अपनी सत्ता और पहुँच का पूरा-पूरा लाभ दिया है, जबकि आदिवासी क्षेत्र के मूल निवासियों को स्थानीय भर्ती में प्राथमिकता देने का संवैधानिक नियम है, जिसे अमल में नहीं लाया जा रहा है। चाहे वह किसी भी प्रकार की सरकारी भर्तियां हों,संविदा, दैनिक वेतन भोगी अथवा स्थायी भर्ती हों।
जिसे बचाने के लिए हमें विधानसभाओं एवं संसद में अपने सही जनप्रतिनिधि चुनने की आवश्यकता हैं, तभी हमारे सारे अधिकार सुरक्षित रहेंगे।

