बिलासपुर में बद्री खैरवार संगठन मंत्री के संयोजन में ३१ मार्च २०२४ दिन रविवार को क्रांतिकारी शहीद “नीलाम्बर पीताम्बर खैरवार
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज़ बंधुओं को श्रद्धांजलि अर्पित किया गया. . नीलाम्बर पीताम्बर बंधु पलामू क्षेत्र के दबंग जमींदार चेम सिंह के पुत्र थे. ये अपने रियाया के जंगल जमीन और अपनी जमींदारी की रक्षा के लिए दिकुओं तथा उनके आका अंग्रेजों से लड़ते थे. कर्नल डाल्टन ने दोनों भाइयों को 28 मार्च 1859 को सरेआम पेड़ में लटकाकर फांसी की सजा दी थी. उस जगह को आज डाल्टनगंज के नाम से जाना जाता है.
कुछ वर्ष पहले आदिवासी सम्मलेन में रांची गया था, रांची एक ऐसा शहर है जहाँ चौक चौराहा स्कुल, कालेज, अस्पताल बाग़ बगीचे के नाम आदिवासी महापुरुषों के नाम पर रखे गए हैं. वहां एक आदिवासी संग्रहालय भी जहाँ भारत के सभी आदिवासियों के जीवन और रहन सहन दर्शाने वाली मूर्तिशिल्प की झांकी (Tablue) रखी गई है. रांची मोरहाबादी में नीलाम्बर पीताम्बर खैरवार के नाम पर विशाल उद्यान है जहाँ इनकी आदमकद कांस्य प्रतिमा स्थापित है. वहीँ से आदिवासी योद्धा नीलाम्बर पीताम्बर खैरवार बंधुओं के बारे में जानकारी मिली. तब से छत्तीसगढ़ में भी खैरवार समाज को उनके गौरवशाली अतीत परिचित कराने की प्रेरणा मिली थी
विगत 28 मार्च २०२२ को मैं डभरा में दिवंगत ससुरजी के दशगात्र कार्य के तैयारी में था. वहीँ पर क्षेत्र के साथियों के साथ पहली बार नीलाम्बर पीताम्बर बंधुओं को श्रद्धांजलि अर्पित किया था. बिलासपुर में भी साथियों को श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजन के लिए सुझाव दिया था.
३१ मार्च २०२४ के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित रहे : सर्वश्री / समय सिंह गोंड कार्यकारी जिला अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा जिला बिलासपुर. परमेश्वर कुमार बिंझवार जिला संयुक्त सचिव, बद्री खैरवार जिला संगठन मंत्री युवा प्र. रमेश चन्द्र श्याम, परमेश्वरी श्याम.

