सामाजिक

मुडपार (खरसिया) में गोंड वीरांगना दुर्गावती के बलिदान को याद किया गया

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज 

24 जून २०२४ दिन सोमवार को ग्राम छोटे मुडपार (खरसिया) में गोंड वीरांगना दुर्गावती मंडावी के आत्म बलिदान दिवस को आदिवासी शौर्य दिवस के रूप में मनाया गया.
दुर्गावती नरसिंहपुर क्षेत्र के उइके जमींदार की बेटी थी और मंडला गढ़ के राजा संग्रामशाह के बेटे दलपत शाह मंडावी को व्याही गयी थी. राजा दलपत शाह के निधन के बाद बालक वीर नारायण की देखभाल और राजकाज की सम्पूर्ण जिम्मेदारी रानी पर आन पड़ी. ये चार पांच सौ साल पहले की बात है जब नारी को मात्र संपत्ति समझा जाता था. स्त्री लिए युद्ध और संधि होता था. नारी मुक्ति और नारी सशक्तिकरण जमाना नहीं था. तब दुर्गावती ने अबोध पुत्र वीरनारायण को पीठ में बांधकर मुगलिया फ़ौज से लोहा लिया था. युद्ध में घायल रानी ने जीवित मुगलों के हाथ पड़ने से बचने के लिए मंत्री आधार सिंह को आदेश दिया कि उन्हें मार दिया जाय. लेकिन मंत्री ने अह पाप करने से इनकार कर दिया. तब रानी ने स्वयं कटार भोंक कर अपनी जान ले ली.
रानी दुर्गावती अपनी प्रजा के हित रक्ष के के लिए संग्राम और आत्म बलिदान आज भी प्रासंगिक है. आदिवासी जनप्रतिनिधियों / हुक्मरानों को उनके कर्तव्य बोध को समय समय पर याद दिलाने के लिए एक नजीर है.

कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा के खरसिया ब्लाक इकाई जिला रायगढ़ के तत्वावधान में संपन्न हुआ. कार्यक्रम श्री श्यामलाल जगत प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रायगढ़ के नेत्रित्व में क्षेत्र के समर्पित कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. कार्यक्रम में मालखरौदा, सक्ति, खरसिया, डभरा, लैलूंगा, पुसौर एवं रायगढ़ क्षेत्र के सम्मानित सामाजिक जन सम्मिलित हुए.
मालखरौदा के राजा जितेन्द्र बहादुर सिंह ने अपनी उपस्थिति देकर आयोजन को गरिमा प्रदान की. छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा के कार्यकार प्रांताध्यक्ष रमेशचंद्र श्याम, ननकीराम सिदार संरक्षक मालखरौदा राज, श्रीमती परमेश्वरी श्याम, समय सिंह गोंड कार्यकारी जिला अध्यक्ष बिलासपुर, मदन प्रसाद दिल्ली ने भी पद के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन किया.
क्षेत्र के सम्मानित जनों में सर्वश्री, बलवंत सिंह जगत जिला अध्यक्ष सक्ती, राम लाल राज, रामसिंह जगत, ताम्रध्वज सिंह दमयंती सिंह डभरा, अनुज नेताम, अध्यक्ष युवा प्र सूती, राजकुमार मरावी अध्यक्ष खरसिया, धनीराम मरावी अध्यक्ष मुडपार, कुशो जगत सचिव, मीनाकुमारी सिदार अध्यक्ष महिला प्र. मुडपार, कीर्तन सिंह मरावी झर्रा, सवरिन बाई सिदार परसापाली, जयसिंह मरकाम अन्जोरीपाली, रवि मरावी देवरी, शौकीलाल नेताम,संतोष मरकाम, डिग्रीलाल जगत, दिकेश्वर राज मरावी, अमृतलाल पोर्ते,किर्तन लाल जगत, कुमार सिंह सिदार, गंगाराम नेटी प्रमुख रहे.
सर्व आदिवासी समाज मातृशक्ति वाहिनी सक्ती के श्रीमती गीता उदय सिदार के अगवाई में पीली साडी के गणवेश में उपस्थिति ने समारोह को भव्य स्वरुप प्रदान किया. मातृशक्ति वाहिनी में गीता उदय नेताम, कौशिल्या जगत, हेमलता मरावी, खगेश्वरी माझी, रमेश कुमारी मरावी, सुलोचना नेताम, छोटे बाई, प्रेम बाई मरावी, संतोषी जगत अंजलि गोंड, Dindeshwari जगत, आदि प्रमुख रहे.
उत्तम सामाजिक कार्य के लिए सर्व आदिवासी समाज मातृशक्ति वाहिनी के सदस्यों तथा दिजोरी सिदार पुसौर, सोमती सिदार रायगढ़ को “दुर्गावती सम्मान” पुरष्कार से सम्मानित कियागया.

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