छत्तीसगढ़

जिला मुंगेली के लालपुर थाना तहसील न्यायालय में आदिवासी जमीन को गैर आदिवासी को विक्रय अनुमति के आवेदन के विरोध पर समाज ने रखी अपनी दलील …

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज 

23 अगस्त २०२४, शुक्रवार, ७ अगस्त को ने दयाराम पोरते ग्राम कुसुमकडा ने अपनी सवा एकड़ धनहा खेत को दो अलग अलग आवेदन के माध्यम से भूमि को अपने मितनहा भांचा जागेश यादव और प्रयागराज यादव को विक्रय करने की अनुमति के लिए आवेदन किया है. इसके विरोध में छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा पंजीयन क्रमांक २८५५ ने ७ अगस्त को तहसीलदार लालपुर थाना के कोर्ट में आपत्ति दर्ज की है
आपति की विभिन्न बिन्दुओं पर जवाब और स्पष्टीकरण प्रसुत करने के लिए आवेदक के वकील ने २३ अगस्त की तिथि मांगी थी. तदनुसार महासभा की और से प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रमेश चन्द्र श्याम ने सामाजिक साथियों सहित उपस्थिति दी और समाज की ओर से स्वयं पैरवी की. चूँकि आवेदक के वकील ने आपत्ति के विभिन्न बिन्दुओं पर जवाब / स्पष्टीकरण तैयार नहीं कर पाया है इसलिए और उनके द्वारा समय माँगा गया. न्यायालय ने ५ सितम्बर को अगली पेशी दी.
न्यायालय में साथ रहे बिलासपुर से रवि मरकाम, अनिल ध्रुव प्रदेश संयोजक आदिवासी स्टूडेंट यूनियन (ASU), घनश्याम खुशरो सचिव सीपत परिक्षेत्र, शिव चरण जगत कोषाध्यक्ष सीपत परिक्षेत्र, लोरमी क्षेत्र से सर्वश्री प्रकाश मरकाम, रोहित मरकाम, दिनेश शाह उइके, दीप ध्रुव और अरिन गावडे.

न्यायालयीन कार्य से फारिग होकर वापसी लौट रहे थे. साथियों का मन हुआ कि बरसाती मौसम में जंगल का आनंद लिया जाए ; और अचानकमार टाइगर रिजर्व भ्रमण की योजना बनी. आनन फानन में साथियों अपने संपर्कों का उपयोग करते हुए वन विभाग से मिलकर सभी औपचारिकता पूर्ण कर ली. वन विभाग के सौजन्य से भ्रमण और भोजन की व्यवस्था हो गयी.
भोजनोपरांत शाम साढ़े छः बजे वापस बिलासपुर के लिए रवाना हुए. रात का समय था. जंगल में जमकर बारिश होने लगी. बरसात अपने रौद्र रूप दिखा रहां था. गरजते बादल हमारे हिम्मत की इम्तिहान लेने पर उतारू थे. मुसलाधार बारिश में दृश्यता कम थी. किसी हारर फिल्म के दृश्य के हम स्वयं पात्र बन गए थे. तीस चालीस के रफ़्तार में ही हमारी कार सहमी सहमी सी चल रही थी. रोड में पेड़ गिरे पड़े थे. कार के हेड लाईट में चीतल, कोटरी और खरहे की दहकते रक्तिम अंगारे सी आँखें किसी डायन से डरातती थीं. रोड पर बहते जलधारा में छिलछीलाते मछलियाँ भी दिखी.
अंततः हम गोबरीपाठ में मुख्य सडक पर पहुंचे और सामान्य स्थिति प्राप्त किये. रात नौ बजे बिलासपुर पहुंचे.