राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह का बलिदान दिवस मनाया गया
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
बालोद जिले के रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास में बुधवार को गोंडवाना स्टूडेंट यूनियन (GSU) द्वारा आयोजित कार्यक्रम किया गया जिसमें गोंडवाना के गोंड वंश के राजा शंकर शाह मरावी और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह मरावी के 166 वीं पुण्यतिथि को 18 सितंबर को मनाया गया और छात्रावास के पदाधिकारी भी चुने गए ।
जिसमें श्री टंडन कांवरे द्वारा छात्राओं को उनके संघर्षों के बारे में बताया गया कि कैसे हमारे पुरखेराजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को अंग्रेजी सरकार ने 14 सितंबर 1858 को गिरफ्तार कर लिया। उन पर अंग्रेजों के खिलाफ षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया गया। चार दिनों तक उन्हें कई प्रकार की यातनाएं दी गईं और आखिरकार 18 सितंबर 1858 को जबलपुर की कोतवाली के सामने सार्वजनिक रूप से दोनों वीरों को तोप के मुँह से बांधकर उड़ा दिया गया। इस प्रकार दोनों ही वीर देश के नाम शहीद हो गये।
मुख्य प्रवक्ता के रूप में युवा सामाजिक कार्यकर्ता नीलिमा श्याम ने कहां कीभारत के स्वतंत्रता संग्राम में कई ऐसे वीरों का योगदान है, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया। इन वीरों में गोंडवाना (गढ़ा कटंगा) साम्राज्य के राजा शंकर शाह और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह का नाम अमर है। राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उनके बलिदान की पुण्य स्मृति में हर वर्ष 18 सितंबर को बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
राजा शंकर शाह जबलपुर, मध्यप्रदेश के गोंड राजवंश के शासक थे। उनका जन्म गोंडवाना के वीर योद्धा परिवार में हुआ था। राजा शंकर शाह का शासन क्षेत्र वर्तमान मध्यप्रदेश के जबलपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों तक फैला हुआ था। वह न केवल एक बहादुर राजा थे बल्कि अपने राज्य और प्रजा की स्वतंत्रता के प्रति बेहद संवेदनशील भी थे। उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह भी अपने पिता की तरह वीर और स्वराज प्रेमी थे।
राजा शंकर शाह ने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह की योजना बनाई थी। उनका मानना था कि अंग्रेज भारतीयों के स्वाभिमान और समृद्ध संस्कृति को नष्ट करने पर तुले हैं। उन्होंने अपने पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह के साथ मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंका। सन् 1857 के विद्रोह के दौरान जब पूरे देश में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह की लहर चल रही थी, उसी समय राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने भी अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष की योजना बनाई। उन्होंने कविताओं और गीतों के माध्यम से जन-जागरण किया और जनता को स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के लिए प्रेरित किया, लेकिन उनकी गुप्त योजनाओं की भनक अंग्रेजों को लग गई।
राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह का बलिदान न केवल गोंडवाना के इतिहास में बल्कि पूरे भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अद्वितीय स्थान रखता है। उनका संघर्ष और बलिदान हमें यह सिखाता है कि मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए प्रोणोत्सर्ग भी कुछ नहीं है। उनका यह त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत बना रहेगा।
दोनों वीर रणबांकुरों राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर हर साल 18 सितंबर को मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। उनके योगदान को याद कर हम यह संकल्प लेते हैं कि देश की स्वतंत्रता, अखंडता और समरसता बनाए रखने के लिए हमें भी उनके दिखाये मार्ग पर चलना होगा। उनका जीवन, साहस और बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है, जो सदियों तक भारतवासियों को प्रेरणा देता रहेगा।
इस कार्यक्रम मुख्य अतिथि तिरूमाल टंडन लाल कांवरे गोंडवाना समाज तहसील संरक्षक
कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे थे श्री सुनील कुरेटी गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन जिला अध्यक्ष
और कार्यक्रम का संचालन कर रहे श्री तुलेश्वर हिचामी गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन जिला महासचिव
विशेष अतिथि श्री फीरता उइके जी गोंडवाना समाज तहसील अध्यक्ष
श्री सुरेश गंगारले गोंडवाना समाज तहसील कोषाध्यक्ष
सुश्री नीलिमा श्याम सामाजिक कार्यकर्ता एवं सर्व आदिवासी समाज महिला प्रभाग उपाध्यक्ष
श्री राजीव टेकाम गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन जिला सक्रिय सदस्य श्री शेखर नेताम अध्यक्ष सर्व आदिवासी युवा प्रभाग तहसील दल्ली राजहरा
कार्यक्रम शुरूआत अतिथियों का स्वागत के पश्चात गोड़वाना साम्राज्य के स्वतंत्रता संग्राम के महापुरुष राजा शंकर शाह और कुमार रघुनाथ शाह फोटो पर माल्यार्पण किया गया उसके बाद अतिथियों द्वारा उद्वोधन के पश्चात वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या छात्रा गृह छात्रावास के छात्रों का गठन किया गया जिसमें कमानी रावटे अध्यक्ष व उपाध्यक्ष रोशनी सलाम बनें
मोनिका गावड़े सचिव कुलेश्वरी टेकाम कोषाध्यक्ष वीणा कुमेटी अनुशासन मंत्री गरिमा साहु स्वास्थ्य मंत्री रिकी नरेटी जल एवं प्रकाश मंत्री खिलेश्वरी क्रीडा मंत्री
भूमिका नरेटी बागवानी मंत्री सुषमा दुग्गा सांस्कृतिक मंत्री कार्यक्रम स्थल वीरांगना रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास गंजपारा बालोद में कार्यक्रम संपन्न किया गया

