ग्राम गुमा (बिल्हा) में वीर नारायण सिंह के शौर्य और बलिदान को नए अंदाज में याद किया गया
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
वीर नारायण सिंह को स्वतंत्रता संग्राम शहीद प्रचारित कर दिकुओं ने बड़े चालाकी से अपने ओर उठे निशाने को अंग्रेजों की ओर मोड़ दिया ……
यह बात छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रमेशचंद्र श्याम ने गोंडवाना युवा समाज द्वारा ग्राम गुमा (बिल्हा) में आयोजित वीर नारायण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करने जुड़े आदिवासी समाज से साझा की. उन्होंने ठेठ छत्तीसगढ़ी में कहा की “ हमन आमा ला अमली अउ अमली ला आमा कहत हन. दुसर के सीखाय पढाय गोठ ला गोठियाथन. हमन पढ़े-लिखे आदिवासी नोहन, सीखाय पढाय आदिवासी हो गय हन.”
बिरसा मुंडा से लेकर वीर नारायण सिंह तक सभी आदिवासी जननायक अपने राज… रियासत… प्रजा…जल जंगल जमीन तथा अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए दिकुओं (बाहरी लोगों) से लडते थे. दिकु लोग अंग्रेजों के मिलकर आदिवासियों के राजपाट को हड़पने के लिए षड्यंत्र और प्रपंच रचते थे.
1854-55 के अकाल में प्रजा को भुखमरी से बचाने के लिए वीर नारायण सिंह ने अपनी जमींदारी के समग्र अनाज प्रजा में बाट दिया था. अपने राज के आसपास के सेठ साहूकारों और जमींदारों से भी भूखी जनता के लिए के लिए ऐसा ही करने के लिए अनुनय विनय किया था. लेकिन सेठ साहूकारों ने एक न सुनी. इसलिए प्रजापालक राजा ने वही किया जो उसे करना चाहिए था. अपने परम कर्तव्य का पालन करते हुए उसने कसडोल के माखन बनिया के अनाज गोदाम के ताला तोड़कर अकाल पीड़ित भूखी प्रजा के हवाले कर दिया और रायपुर के तत्कालीन अंग्रेज डिप्टी कमिश्नर इलियट को लिखित सूचना भी दे दिया. आगे की कहानी सब जानते हैं. इस तरह से अंग्रेजों के चापलूस और चाटुकार दिकुओं के षड्यंत्र के शिकार हुए वीर नारायण सिंह .
उसका प्रमाण आज भी है, कसडोल क्षेत्र में बनिज संतति जिन्होंने अंग्रेजों का साथ दिया था वो आज राजकाज संभाल रहे हैं और राजा के वंशज मजदूरी कर रहे हैं.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे रमेश चन्द्र श्याम, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा, अध्यक्षता श्री कृष्णानद मरावी रायपञ्च ग्राम गुमा ने की. अन्य मुख्या अतिथियों में सर्वश्री / श्रीमती नेहा भारती जनपद सदस्य, संगीता गेंदले सरपंच ग्राम गुम, सुभाषिनी मरावी अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज महिला प्र. बिल्हा ब्लाक, परमेश्वरी श्याम, सुनीता जगत उपाध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज महिला प्र. बिल्हा ब्लाक, अहिल्या नेताम संगठन मंत्री सर्व आदिवासी समाज महिला प्र. बिल्हा ब्लाक, रामनाथ कतलम अध्यक्ष मुरकुटा चक, डॉ. कुमात्राम जगत संरक्षक खम्हारडीह चक और सर्वदिवासी समाज, शिवराम मरावी अध्यक्ष खम्हार डीह चक, ढेलुराम ध्रुव अध्यक्ष पौंसरी चक, छेदीलाल नेताम गोंड समाज अध्यक्ष सीपत परिक्षेत्र, समय सिंह गोंड कार्यकारी जिला अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा जिला बिलासपुर, गंगाराम छेदैहा कार्यकारी ब्लाक अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज, शिव नारायण चेचम जिला अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज युवा प्र. भूपेन्द्र मरकाम ब्लाक अध्यक्ष बिल्हा (द) महासिंह नेताम ब्लाक अध्यक्ष युवा प्र. बिल्हा (द), चेतन मरावी उपाध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज बिल्हा ब्लाक, रमेश मरकाम ब्लाक अध्यक्ष अनु. ज. जा. कर्मचारी विकास संघ, इतवारी नेताम ब्लाक उपाध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज, बद्री खैरवार प्रदेश सचिव खैरवार समाज, जगदीश प्रसाद सिदार जिला कार्यकारिणी सदस्य छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा, शिवचरण जगत कोशाध्यक्ष सीपत परिक्षेत्र और छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा जिला बिलासपुर, घनश्याम खुशरो सचिव सीपत परिक्षेत्र और कार्यकारिणी सदस्य छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा जिला बिलासपुर रहे. कार्यक्रम बिल्हा क्षेत्र के महिला पुरुष युवक युवती सहित अन्य समाज के लोग भी शामिल हुए.
कार्यक्रम में प्रतिभावान छात्र छात्राओं तथा हाल ही में पीएससी चयनित श्री दिलीप प्रधान जी को सम्मानित किया गया. सम्पूर्ण आयोजन की जिम्मेदारी गाँव के युवाशक्तियों ने श्री जदुनाथ उइके के नेत्रित्व में कुशलता से संभाला.
मंच का सफल संचालन श्री अनिल मरावी ने अनोखे अंदाज में किया.

