2025 के बजट में छत्तीसगढ़वासियों को सिर्फ निराशा ही हाथ लगी- अकबर राम कोर्राम
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
आदिवासीयों समाज के लिए बजट में कुछ नहीं है। शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य के लिए,
रायपुर, 03/03/2025। हमर राज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अकबर राम कोर्राम जी ने आज छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ वासियों को सिर्फ छलावा और झूठे वादे देने के अलावा कुछ नहीं किया।
पेट्रोल सिर्फ 1 रूपये सस्ता किया गया जबकि 5 रूपये तक सस्ता करना था। युवाओं के बेरोजगारी भत्ता, किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट में कुछ नहीं है। मोदी की गारंटी में किये गये वादे,1 लाख नौकरी और महिलाओं के लिए 500 रू.में सिलेंडर देने के बारे में बजट में कुछ नहीं कहा गया।
अकबर राम कोर्राम जी ने कहा कि इस बजट में प्रदेश के आदिवासी समाज के लिए बजट में कुछ नहीं है। शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य के लिए, बजट में कुछ भी नया नहीं है। मजदूरों और गरीबों की आमदनी बढ़ाने के लिए बजट में कुछ नहीं है। प्रदेश के वित्त मंत्री ने राज्य के वनोपजो पर आधारित उद्योगों, वनोपजो उत्पादों की खरीदी पर कोई बात नहीं की गयी।विश्वविद्यालयों की संख्या पर अपनी पीठ थपथपाने वाली साय सरकार ने अपने कार्यकाल में 1 भी सरकारी विश्वविद्यालय नहीं खोला।
उन्होंने कहा कि 8 साल पहले मोदी सरकार ने राजधानी रायपुर को स्मार्ट सिटी बनाने का वादा किया था लेकिन आज तक रायपुर को वास्तविक रूप में स्मार्ट सिटी नहीं बनाया गया । स्मार्ट सिटी योजना के तहत अभी केवल दफ्तर खोले गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका प्रभाव नहीं दिखता। 15 सालों तक रमन सरकार मेट्रो ट्रेन का झुनझुना बजाते रहे अब साय सरकार ने फिर से रायपुर से दुर्ग मेट्रो का झुनझुना बजाया है। राजधानी में कई छोटे-छोटे बाजार हैं, जिन्हें व्यवस्थित करने की जरूरत थी । इससे ट्रैफिक जाम की समस्या भी दूर होती और व्यापारिक गतिविधियां सुगमता से संचालित हो सकतीं थी। व्यापारिक हब में पानी, सड़क, लाइट और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं बेहतर की जा सकतीं थीं,पर इसकी कोई योजना छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार के पास नहीं है। कई स्थानों पर यूजर चार्ज की राशि प्रॉपर्टी टैक्स के समकक्ष हो चुकी है। इसे तार्किक रूप से व्यवस्थित किया जाना चाहिए। प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण/स्थायीकरण, निकाले गए कर्मचारियों की बहाली, न्यून मानदेय कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन दिए जाने, अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालीन करने, आउट सोर्सिंग/ठेका/सेवा प्रदाता/समूह-समिति के माध्यम से नियोजन सिस्टम बंद करने के सम्बन्ध में बजट 2025 में किसी प्रकार के प्रावधान नहीं है।
राज्य सरकार के बजट में छत्तीसगढ़ वाशियों को व्यापार के लिए ज्यादा कर में राहत, व्यापार अनुदान देना चाहिए था लेकिन इस बजट से छत्तीसगढ़ वाशियों को निराशा ही हाथ लगी है। निश्चित ही इस बजट से प्रदेश की जनता को निराशा ही हाथ लगी है।

