ग्राम देव किरारी (अकलतरा) में गोंडवाना रीति रिवाज से मनाया गया चैत जवारा – नेवरात…
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
ग्राम देव किरारी के मह्माई दाई ठाना में साल में दो बार जवारा – नेव्ररात चैत और कुआंर मास में पीढ़ियों से निर्बाध मनाया जा रहा है. पहले महमाई दाई की खपरैल की छाजन वाली कच्ची कुटीया थी. सामने डबरी थी. जिसे पाटकर समतल मैदान बना दिया गया है. ग्राम पंचायत द्वारा कुटिया के जगह कंगूरेदारभव्य मंदिर निर्माण करवा दिया गया है. सामने डबरी के जगह जोत – कक्ष, सांस्कृतिक मंच, भैरो बाबा की 10 फीट ऊँची भव्य मूर्ति स्थापित हो गई है. पार्श्व में अर्ध नारीश्वर की भी 20 फीट ऊँची प्रतिमा स्थापित है.
पहले महमाई में जवारा सेवा गोंड समाज के लोग ही करते थे लेकिन अभी सर्व समाज के लोग जवारा सेवा में आस्था रखने लगे हैं. अतः समस्त ग्रामवासी आपस में सह्कारिता के भावना से नेवरात सेवा करते हैं. सम्पूर्ण प्रबंधन का दायित्व पंजीकृत समिति “आदिशक्ति माँ जन कल्याणकारी समिति” देव किरारी (प.क्र. ११२०७) संभालती हैं. इस समिति का जवारा सेवा का यह सत्ताईसवां वर्ष है. गाँव के पुरखौती गोंड बइगा ही मुख्य सेवइक होता है, वर्तमान में लादन गोंड ही गाँव का बइगा है.
इस चइत नेव्ररात में गाँव के महमाई ठाना में में नौ दिन तक ६ कलश और १९१ अखंड जोत प्रज्वलित रहे. सार्वजनिक जवारा के अतिरिक्त दो निजी जवारा गोंड समाज से तथा एक जवारा कुर्मी समाज से सेवित रहे. सभी जवारा मह्माई ठाना में एक समागम के रूप में एकत्रित हुए. वहां से लादन गोंड बइगा के अगुवाई में गाँव के देव स्थलों के जोहार अर्जी करते हुए “बेलवा” तलाब पहुंचे जहा उनका पारंपरिक गोंडी रीति रिवाज के साथ जल प्लावन किया गया.
बता दें कि ग्राम देव किरारी (अकलतरा) जिला जांजगीर चाम्पा… रमेश चन्द्र श्याम कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड मह्सभा, का पैतृक गाँव है. वे गाँव में अपने पारिवारिक तथा सार्वजनिक जवारा सेवा अर्जी में सपरिवार उपस्थित रहे.
(रमेश चन्द्र श्याम)
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष

