ग्रामीण विशेषछत्तीसगढ़

कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष पहुंचे छात्रों का हालचाल जानने आदिवासी छात्रावास कोरबा

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज 
छत्तीसगढ़ की उर्जाधानी कोरबा राज्य का ही नहीं देश का सबसे बड़ा कोयला सह बिजली उत्पादन केंद्र है.यहाँ से कोयला और बिजली देश के कोने कोने तक पहुचता है. कोरबा क्षेत्र ब्लेक डायमंड …कोयला और बाक्साइड भंडार से परिपूर्ण, जल संसाधन से समृद्ध और जंगल पहाड़ जैसे नैसर्गिक सुषमा से सुसज्जित होने की वजह से औद्योगीकरण के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है. इसीलिए यहाँ देश का सबसे बड़ा अल्युमिनियम कारखाना भारत अलुमिनियम कंपनी …बालको और NTPC और CSEB के कई पावर हाउस स्थित है. इस स्थित का बाहरी ब्यवसायियों ने भरपूर फायदा उठाया.
कोरबा क्षेत्र कंवर आदिवासी बहुल क्षेत्र है. कोरबा में कँवर राजा थे. रमेश चन्द्र श्याम जी ने आधी सदी पूर्व बालको से अपना कैरियर प्रारंभ किया था. वे बताते हैं कि कोरबा के रानी महल में ब्यापारी लोग एक नारियल लेकर एक पाँव में खड़े होकर अपने धंधा ब्यवसाय के लिए जगह की याचना करते थे. आज वे सम्पन्नता की सैकड़ो सोपान चढ़ गए हैं, लेकिन मूल आदिवासी लोग तुलनात्मक दृष्टि से अब भी प्रगति से कोसों दूर हैं. इसका मुख्य कारण है अब भी क्वालिटी एजुकेशन उनके पहुच से परे है.
इसी सन्दर्भ में विगत रविवार छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रमेश चन्द्र श्याम कोरबा के बुधवारी बाजार के पास स्थित 50 सीटर आदिवासी छात्रावास पहुचे. उनके साथ ASU के प्रदेश संयोजक अनिल ध्रुव भी थे. श्री श्याम ने छात्रावास अधीक्षक श्री प्रदीप तिवारी के साथ बैठकर छात्रावास की सुविधाओ और आवश्यकताओं की जानकारी ली. श्री अनिल ध्रुव ने छात्रो से अलग से मिलकर फीडबैक प्राप्त की.
रविवार होने के कारण सहायक आयुक्त (ट्राइबल) श्री श्रीकांत कसेर से भेंट नहीं हो सकी. उनसे मोबाइल पर बात हुई. यह तय किया गया कि अगली विजिट में आपस में बैठकर छात्रों से मिली फीडबैक पर चर्चा करेंगे.