लोक निर्माण विभाग द्वारा 337 महत्वपूर्ण भवनों का निर्माण पूर्ण
By Jiwrakhan lal ushare cggrameen nëws


रायपुर, 22 मई 2020/ लोक निर्माण मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने बताया कि विभाग द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 में विभिन्न विभागों के 337 महत्वपूर्ण भवनों का निर्माण पूर्ण किया गया। इनमें विशेष प्रयोजन के लिए प्रदान की गई राशि (बजटेड भवन कार्यों) के तहत 151 भवन और जमा मद भवन कार्यों के तहत 186 भवन शामिल है। मंत्री श्री साहू ने बताया की दोनों मदों के अर्न्तगत पूर्ण किए गए भवनों में मुख्य रूप से बिलासपुर में राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र में निर्मित इंडोर स्टेडियम में अकाउस्टिक एवं एयर कंडिशनिंग, रायपुर के केन्द्रीय जेल में पचास-पचास बंदी क्षमता के 12 बैरकों का निर्माण, रायपुर जिला न्यायालय भवन के चौथे एवं पांचवे तल पर अतिरिक्त कोर्टरूम का निर्माण, बैकुण्ठपुर में नवीन जिला न्यायालय भवन, अंबिकापुर में जिला कार्यालय भवन और बलरामपुर में सर्किट हॉउस का निर्माण शामिल है। इसी तरह नवा रायपुर में ड्रायविंग ट्रेनिंग एण्ड रिसर्च संस्थान, भोरमदेव में अनुसूचित जनजाति कन्या शिक्षा परिसर, बेमेतरा और डोंगरगढ़ में शासकीय महाविद्यालय, रामानुजगंज, बीजापुर, बैकुण्ठपुर एवं जशपुर में पॉलीटेक्निक भवन, देवभोग, नरहरपुर, पोड़ी, बडेराजपुर, भटगांव, लखनपुर, दुर्गकोंदल एवं शंकरगढ़ में आई.टी.आई भवन और तिल्दा विकासखंड के खपरीकला, कसडोल विकासखंड के अर्जुनी, कुरूद विकासखंड के कचना एवं बगौद में उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय तथा धरसींवा विकासखंड के चौबे कॉलोनी एवं फुण्डहर में कन्या उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय का निर्माण कार्य शामिल है। पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 में पूर्ण किये गए कार्योें में कांकेर जिले के नरहरपुर आई.टी.आई में 100 सीटर और डोंगरगांव आई.टी.आई. में 50 सीटर छात्रावास, बस्तर, कोण्डागांव, धमतरी एवं बालोद जिलों के लाइवलीहुड कॉलेजों में 50 सीटर बालिका छात्रावास के साथ ही अधीक्षिका के लिए कार्यालय सह निवास एवं चौकीदार के लिए आवास गृहों का निर्माण, खोकसा एवं पिरदा में 50 सीटर आदिवासी कन्या आश्रम, बगीचा विकासखण्ड के कसडोल एवं सन्ना मंे 50 सीटर पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास और रायगढ जिले के मोरा़ एवं जजावल में 50 सीटर प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास, बलरामपुर, सुकमा और बालोद जिले में जीएडी आवास गृहों का निर्माण और चन्द्रपुर, सारंगढ़, मानपुर तथा डुण्डेरा में विश्राम गृहों का निर्माण शामिल है। FacebookTwitterWhatsAppShare
