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महाविद्यालय में पदस्थ विभिन्न कैडरों के पदोन्नति चैनल बनाने एवं पदोन्नति के संबंध 

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज           शासकीय दंतचिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में विगत 17 वर्षों से जूनियर इंजीनियर, डेन्टल मेकेनिक, लैब असिस्टेंट, क्लर्क, इलेक्ट्रिशियन, चपरासी, वॉचमेन सफाई कर्मचारी (नियमित) पदस्थ है, इन सभी कैडरों को न तो पदन्नति मिली है, न ही पदोन्नति का चैनल बनाया गया है और न ही आयुक्त/संचालक चिकित्सा शिक्षा, छ.ग. के अधीन किसी महाविद्यालय में पदस्थापना, पदोन्नति दी गई है।इस संबंध में कर्मचारी संघ के द्वारा प्राचार्य कार्यालय के माध्यम से आयुक्त संचालक चिकित्सा शिक्षा छ.ग. को कई बार पत्राचार कर अवगत कराया जा चुका है। पदोन्नति का लाभ प्रदाय करने की कृपा करें एवं ऐसे कैडर जिनका पदोन्नति चैनल नहीं बना है पदोन्नति चैनल बनाने हेतु उचित कार्यवाही करने की कृपा कर राज्य के 05 लाख अधिकारी  कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों का राज्य के समी शासकीय एवं निजी अस्पतालों में 05 लाख तक कैशलेस सुविधा मुहैया की मांग छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष सतीस पसरिया ने स्वास्थ्य मंत्री से माग किया छ.ग. राज्य के सभी अधिकारी, कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों का छ.ग. राज्य के सभी निजी एवं शासकीय चिकित्सालयो में केन्द्र की भांति कैशलेस चिकित्सा होने से राज्य के कर्मचारियों को आर्थिक भार व चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयक पर जो कार्यवाही विलंब होती है, जिससे कर्मचारी व उनके आश्रितों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। इसलिए शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय के  अध्यक्ष सतीस पसेरिया एवं प्रदेश सचिव छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी सघ  ने स्वास्थ्य मंत्री से मांग किया

संघ ने कहा कि  मध्यप्रदेश की भांति छ.ग. सरकार भी कर्मचारी हितैशी सरकार साबित होते हुए कैशलेस ईलाज की सुविधा छ.ग. राज्य के निजी एवं शासकीय चिकित्सालयों में देने हेतु निर्देशित / आदेशित करने की कृपा करें।

तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी संविदा कर्मचारियों के नियमितिकरण करने के संबंध  महाविद्यालय में विगत 15-20 वर्षों से संविदा में जो कर्मचारी कार्य कर रहें है, उन्हें अभी तक नियमितिकरण का लाभ नहीं मिल पाया है।

संघ इन सभी कर्मचारियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इनके नियमितिकरण करने मांग शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय के अध्यक्ष  शतीस पसेरिया एवं प्रदेश सचिव छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी सघ ने स्वास्थ्य मंत्री से कहा  ताकि इन सभी कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।