ग्रामीण विशेषछत्तीसगढ़

भूले बिसरे जनजातीय इतिहास को दर्ज कराने क्षेत्रीय आदिवासी अनुसन्धान एवं प्रशिक्षण इकाई पहुंचे रमेशचंद्र श्याम .

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज 

जन जातीय संस्कृत एवं इतिहास के संकलन और डाकुमेंटेशन के लिए राजधानी नया रायपुर में जन जातीय अनुसन्धान एवं प्रशिक्षण संस्थान TRI छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित है. जिसका क्षेत्रीय इकाई तीन जगहों पर अंबिकापुर, जगदलपुर और बिलासपुर में कार्यरत है.
आदिवासी समाज के आग्रह पर रमेश चन्द्र श्याम कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा कुछ एतिहासिक तथ्यों को TRI के पब्लिकेशन में सम्मिलित कराने के लिए बिलासपुर के डिप्टी डायरेक्टर से भेंट किये.
जिसमे से एक खैरवार समाज के क्रांतिकारी नीलाम्बर – पीताम्बर खैरवार बन्धु के कार्यो का जनजातीय वर्ग के आख्यान में समुचित उल्लेख नहीं मिलता. इस मुद्दे को बद्री खैरवार प्रदेश सचिव खैरवार समाज ने रखा.
दूसरा भूपेन्द्र सिंह मरकाम ने धमधागढ़ के अंतिम राजा परऊ साय मरकाम तथा उनके पुत्र बुढान साय मरकाम को इतिहास के पन्नो पर सम्मानपूर्वक जगह देने का आग्रह किया.
संसथान के क्षेत्रीय इकाई के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. रूपेंद्र कवि ने ध्यान से प्रतिनिधि मंडल के बातों को ध्यान से सुना. उन्होंने कहा कि प्रमाणिक आलेख तैयार कर प्रस्तुत करें,. संसथान उस पर अवश्य विचार करेगा.
प्रतिनिधि मंडल में शामिल रहे भूपेन्द्र सिंह मरकाम अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज बिल्हा परिक्षेत्र, दीपक मरकाम, परमेश्वर कुमार बिंझवार प्रदेश अध्यक्ष बिन्झवार समाज, सुखराम पालके प्रदेश संरक्षक बिंझवार समाज, बंशीलाल बिंझवार प्रदेश उपाध्यक्ष बिंझवार समाज, देव कुमार बिरको प्रदेश अध्यक्ष बिंझवार समाज (शा. कर्मचारी प्र) राजेन्द्र पालके बिलासपुर जिला अध्यक्ष बिंझवार समाज, माखनलाल नेताम, संरक्षक संवरा समाज, बद्री खैरवार प्रदेश