होनहार शिक्षक श्री अंगद सलामे को कलिंगा यूनिवर्सिटी द्वारा दिया गया उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
पूर्व में भी अनेक राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय सम्मान से हो चुके है सम्मानित
दुर्गम क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाने के लिए किया गया सम्मानित
राजनांदगांव, 29 अगस्त 2025
आदिवासी बहुल मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चैकी जिले के मानपुर विकासखण्ड के सुदूर वनांचल के ग्राम मुंजाल के प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षक श्री अंगद सलामे को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए कलिंगा यूनिवर्सिटी रायपुर द्वारा उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया है। उल्लेखनीय है कि शिक्षक श्री सलामे को विगत 22 अगस्त को कलिंगा यूनिवर्सिटी रायपुर के आॅडिटोरियम में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें यह सम्मान उनके नवाचार, अपने कार्य के प्रति समर्पण, प्रतिबद्धता एवं कठिन परिस्थितियों में शिक्षा के प्रचार-प्रसार हेतु उन्हें प्रदान किया गया है। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोल्फ फेडरेशन ऑफ इंडिया के संस्थापक व महासचिव श्री आर्यवीर आर्य तथा युनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी द्वारा शिक्षक श्री सलामे को शॉल, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। ज्ञातव्य हो कि शिक्षक श्री सलामें को पूर्व में राज्यपाल शिक्षक पुरस्कार तथा शिक्षा दुत मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण, राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षक सम्मान एवं सावित्री बाई फुले शिक्षक सम्मान आदि राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के अनेक सम्मानों से भी नवाजा जा चुके हैं। शिक्षक श्री सलामे बीते कई वर्षों से नक्सल हिंसा प्रभावित क्षेत्र में न केवल बच्चों को स्कूल से जोड़ने, बल्कि अभिभावकों को भी शिक्षा के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं। उनके प्रयासों से आज उनके स्वयं के स्कूल ग्राम के सांथ सांथ उस क्षेत्र में शिक्षा को लेकर नई सोच और सकारात्मकता विकसित हुई है। इस आयोजन में राज्य के 38 अन्य शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर राज्य के विभिन्न जिलों से आए राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त शिक्षक, शोधार्थी और विश्वविद्यालय के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नई शिक्षा नीति 2020 और बदलते तकनीकी युग में शिक्षा के सामने आने वाली चुनौतियों और अवसरों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
विदित हो कि शिक्षक श्री अंगद सलामे अंबागढ़ चैकी विकासखण्ड के ग्राम देवरसूर के मूल निवासी है। वे बहुत ही साधारण परिवार से निकलकर अपने संघर्ष एवं साधना के बल पर आज इस मुकाम पर है। श्री सलामे एक उत्कृष्ट एवं प्रतिबद्ध शिक्षक के अलावा विभिन्न सामाजिक उत्तरदायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। वे गोण्डवाना समाज के युवा प्रभाग के पूर्व संभागीय अध्यक्ष के अलावा अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक संघ के जिला अध्यक्ष के अलावा विभिन्न सामाजिक उत्तदायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं। आदिवासी बहुल मानपुर ब्लाॅक के मुंजाल, मदनवाड़ा जैसे सुदूर वनांचल एवं दुर्गम क्षेत्र में शिक्षा एवं सामाजिक जागरूकता के प्रचार-प्रसार का श्रेय शिक्षक श्री अंगद सलामे को जाता है। श्री अंगद सलामे के निरंतर उपलब्धि पर वनांचल में सर्वस्व हर्ष व्याप्त है। उनके मित्रों, शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित आदिवासी समाज के लोगों तथा उनके शुभचिंतकों में श्री सलामे की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
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