गोंड समाज को संविधान से विशेष अधिकार उनके विशिष्ठ पहचान और संस्कृति के वजह से प्राप्त है, उसे बचाए रखना हमारा परम कर्तव्य है… रमेश चन्द्र श्याम
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
उक्त विचार नगर पंचायत डभरा में सल्ला गागरा स्थापना के अवसर पर समाज को सम्बोधित करते हुए छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रमेश चन्द्र श्याम ने व्यक्त किये. डभरा में गत रविवार को सम्बलपुरहिन दाई मंदिर परिसर में दिवंगत महेत्तर मरावी के पुन्य स्मृति में उनके पत्नी द्वय मोहरमती मरावी और कंचन कुंवर मरावी ने प्रकृति शक्ति के प्रतीक सल्ला गागरा का स्थापना करवाया. सम्बल्पुरहीन दाई मालगुजार जगत परिवार की पुरखौती आराध्य दाई है. संबलपुरहीन दाई क्षेत्र में जागृत सिद्धशक्ति के रूप में सर्व समाज में मान्य है.
दिवंगत महेत्तर मरावीजी के घर से सल्ला गागरा की पारंपरिक पूजा के साथ जात्रा निकली जिसमे हजारों की संख्या में क्षेत्र के युवक युवती और सामाजिक जन पारंपरिक वेशभूषा में उत्साह पूर्वक शामिल हुए. सल्ला गागरा जात्रा पुरे नगर भ्रमण के साथ सम्बलपुरहीन दाई परिसर पहुची और निर्धारित वेदी पर सामूहिक सुमरनी के साथ सल्ला गागर स्थापित की गई.
मातिनगढ़ राज पोड़ी उपरोड़ा क्षेत्र से पधारे सम्मानित सगाजनो का विशेष सम्मान किया गया.
समाज प्रमुख के रूप में छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रमेश चन्द्र श्याम उपस्थित रहे
आयोजन में संबलपुरहीन दाई मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ श्री मनहरण सिंह सिदार (जगत) और श्यामलाल जगत जी का विशेष योगदान रहा.

