ग्रामीण विशेष

डौंडी में मावा मोदोल लाइब्रेरी खोलने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को लिखा पत्र

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज जिला प्रशासन उत्तर बस्तर कांकेर के तर्ज पर आदिवासी विकासखंड डौंडी में भी सीजीपीएससी, व्यापम एसएससी, रेलवे, पीएमटी पीएटी बैंक आदि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क अध्ययन करने हेतु मावा मोदोल लाइब्रेरी (मेरी जड़ मेरा भविष्य) की स्थापना करने की मांग जिला कलेक्टर बालोद से की गई है इस संबंध में भोलाराम नेताम अध्यक्ष शिक्षा समिति जनपद पंचायत डौंडी ने बताया कि लाइब्रेरी की स्थापना से प्रतिभागियों को शैक्षणिक विकास एवं अध्ययन की सुविधा को सुदृढ़ करने का अवसर मिल सकेगा डौंडी ब्लॉक शैक्षणिक दृष्टिकोण से बहुत पिछड़ा हुआ है सुदूर आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्र होने के कारण शैक्षणिक सुविधाएं पर्याप्त नहीं है आज भी कई स्कूल भवन विहीन है ,उच्च शिक्षा हेतु आवागमन का अभाव है कोचिंग क्लासेस भिलाई दुर्ग रायपुर बिलासपुर शहरों में होने के कारण इस क्षेत्र के प्रतिभागी उतने दूर जाकर कोचिंग क्लास जॉइनिंग नहीं कर पाते इसी कारण से इस क्षेत्र के प्रतिभागियों का चयन छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग , व्यापम परीक्षा पीएमटी पीईटी रेलवे बैंक एसएससी जैसे प्रतियोगिता परीक्षा में लगभग नहीं हो पा रहे है । जिला प्रशासन उत्तर बस्तर कांकेर की अभिनव पहल पर कांकेर जिले के अंतर्गत नरहरपुर ,चारामा अंतागढ विकासखंड में मावा मोदोल लाइब्रेरी की स्थापना की गई है जिसका लाभ स्थानीय प्रतिभागियों को मिल रहा है बालोद जिला का एकमात्र आदिवासी विकासखंड डौंडी है और विकासखंड मुख्यालय के किसी हायर सेकेंडरी अथवा कॉलेज के किसी एक कमरे में मावा मोदोल लाइब्रेरी (मेरा जड़ मेरा भविष्य) की स्थापना करने से स्थानीय आदिवासी युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग लाइब्रेरी कैरियर काउंसलिंग मिल सकेगा तथा वे अपना भविष्य उज्जवल कर सकेंगे बालोद जिला कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने शीघ्र पहल करने की आश्वासन दी है ।