बिलासपुर जिले में फिर आदिवासी भूमि की लुट ….. दर्ज की गयी आपत्ति
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
आम तौर पर आदिवासी भूमि का गैर आदिवासी द्वारा क्रय और नामांतरण करना कानूनन प्रतिबंधित है, फिर भी गैर आदिवासियों द्वारा बेनामी तरीके से क्रय विक्रय धड़ल्ले से चल रहा है. इसमें राजस्व विभाग की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता ऐसा ही मामला अलग अलग क्षेत्रों के समाज के सजग और समर्पित युवाओं से प्राप्त हुआ.
रेशम लाल पोर्ते पिता रामसिंह पोर्ते निवासी ग्राम पेंडरवा तहसील बिल्हा जिला बिलासपुर (छ.ग.) द्वारा ग्राम भोजपुरी प.ह.न. 14 तहसील बिल्हा जिला बिलासपुर स्थित खसरा नं 397 रकबा 0.4250 हे., खसरा नं 398/1 रकबा 0.2470 हे., खसरा नं 398/3 रकबा 0.1420 हे. खसरा नं 398/4 रकबा 0.1130, खसरा नं 398/5 रकबा 0.0690 कुल खसर नं 5, कुल रकबा 1.096 = 2.71 एकड़ भूमि को गैर आदिवासी क्रेता विकास बोहरा पिता जेठमल बोहरा निवासी सनसिटी कंचनबाग तहसील व जिला राजनांदगांव के पास विक्रय अनुमति दिए जाने हेतु आवेदन किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रेशमलाल ग्राम पेंडरवा के सामान्य किसान परिवार से और राईस मिल कर्मी है. दो एकड़ इकहत्तर डिसमिल जमीन बिलासपुर रायपुर हाइवे पर ग्राम भोजपुरी (जहाँ टोल नाका है) में है. उसकी माली हालात ऐसी कीमती भूमि खरीदने और फिर से बेचने लायक नहीं जान पड़ती. उनसे वस्तुस्थिति जानने के लिए प्रत्यक्ष भेंट कर प्रयास किया गया लेकिन उनके घर में वैवाहिक कार्य होने की वजह से भेंट नहीं किया जा सका.
आपत्ति दर्ज करने की तिथि में उनसे भेंट हुई. भूमि किससे और कितने में खरीदी पूछने पर वे जवाब नहीं दे पाए और साथ आये ब्यक्ति का मुह ताकने लगे. उनके साथ आये व्यक्ति गैर आदिवासी खरीदार के आदमी हो सकता है. लिहाजा बेनामी संपती होने की आशंका व्यक्त करते हुए तहसीलदार बिल्हा के कोर्ट में आपत्ति दर्ज की गई. अगली पेशीकी तिथि 6 मई 2026 है.
आदिवासी भूमि बचाओ अभियान में साथ रहे अनिल ध्रुव प्रदेश संयोजक आदिवासी स्टूडेंट यूनियन, घनश्याम खुशरो सचिव गोंडवाना गोंड महासभा सीपत क्षेत्र, बद्र प्रसाद खैरवार प्रदेश सचिव खैरवार समाज, बिल्हा क्षेत्र से बिनोद मरावी, संतोष पोर्ते, विश्राम छेदईहा,
रमेश चन्द्र श्याम
कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष
छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा

