ग्रामीण विशेष

बिलासपुर में याद किया गया … भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान को 

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज बड़े काम के लिए बड़ी उम्र की जरूरत नहीं होती है, सद्विचार को लोक कल्याण के लिए सत्कर्म में परिवर्तित करना होता है. बिरसा मुंडा जी ने यही किया. यह उद्गार छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रमेशचंद्र श्याम ने बिरसा मुंडा पूण्यतिथि पर छात्रों को संबोधित करते हुए व्यक्त किया. मात्र पचीस वर्ष के उम्र में धरती आबा बिरसा मुंडा आदिवासी अस्मिता और अधिकार के लिए दिकुओं से लड़ते लड़ते शहीद हो गए. अपने जीवन काल में ही वे भगवान की तरह पूजे जाते थे.
पोस्ट मेट्रिक आदिवासी छात्रावास के छात्रों ने बिरसा मुंडा के बलिदान दिवस का आयोजन किया था. इस अवसर पर विद्यार्थियों को श्री श्याम ने बताया की विद्यार्थी जीवन त्याग और कठोर तपस्या का काल होता है जो इस काल में संयम के साथ पढ़ाई लिखाई करता है वह आगे जीवन में सुखी और सफल होता है. लेकिन जो पढाई में ध्यान न लगाकर मौज मस्ती में समय बिताता वह आगे चलकर कष्टमय जीवन जीने के लिए मजबूर होता है. मानक एवं गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा ही सम्पूर्ण जीवन की सफलता की कुंजी है. इसलिए नशामुक्त विद्यार्जन करें. रवि मरकाम प्रदेश अध्यक्ष कोया पूनेम महासभा, ने भी छात्रों को संबोधित किया. ढ़
कार्यक्रम का संयोजन अनिल ध्रुव प्रदेश संयोजक आदिवासी स्टूडेंट यूनियन ने किया, साथ रहे समय सिंह गोंड कार्यकारी जिला अध्यक्ष जगदीश प्रसाद सिदार सदाशय जिला कार्यकारिणी बिलासपुर.
रमेश चन्द्र श्याम