पानी के लिए तरस रहा “विद्या का मंदिर”: दिघवाड़ी स्कूल में 4 महीने से पेयजल बंद, गुस्साए ग्रामीणों ने दी चक्का जाम की चेतावनी*
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज लाल पानी आने पर हैंडपंप उखाड़ ले गया विभाग, अब जनपद सदस्य के नेतृत्व में आरपार की लड़ाई का ऐलान, 21 जुलाई को होगा चक्का जाम ।*
ग्राम पंचायत चिहरो के आश्रित ग्राम दिघवाड़ी में बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला दिघवाड़ी में पिछले 4 महीने से पेयजल व्यवस्था पूरी तरह ठप है। स्कूल में 60 से ज्यादा बच्चे प्यासे रहकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

शासन-प्रशासन की लापरवाही से तंग आकर अब ग्रामीणों ने आरपार की लड़ाई का फैसला ले लिया है। जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी के नेतृत्व में आयोजित ग्राम सभा में चक्का जाम का प्रस्ताव पारित कर सहायक अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग डौंडी को ज्ञापन सौंपा गया है।
*लाल पानी के बाद हैंडपंप ही उखाड़ ले गए*
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष विभाग द्वारा एक हैंडपंप लगाया गया था। उससे थोड़ी राहत मिली भी थी, लेकिन उसमें लगातार लाल और गंदा पानी आने लगा। शिकायत के बाद मार्च 2026 में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कर्मचारी आए और समस्या ठीक करने के बजाय हैंडपंप को ही उखाड़ कर ले गए।
उस दिन के बाद से आज तक स्कूल में पीने के पानी का एक भी वैकल्पिक इंतजाम नहीं किया गया। संस्था प्रमुख, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों द्वारा मोबाइल पर कई बार विभाग को अवगत कराया गया, लेकिन नतीजा “सिफर” रहा।
जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी ने कहा “विद्या के मंदिर जैसी जगह पर अगर बच्चों को पीने का पानी नसीब नहीं होगा तो इससे शर्म की बात क्या होगी। विभाग पूरी तरह लचर हो चुका है। अब अनुनय-विनय से काम नहीं चलेगा।”
*21 जुलाई को चक्का जाम का अल्टीमेटम*
ग्राम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 21 जुलाई 2026, मंगलवार को समस्त ग्रामवासी डौंडी-दिघवाड़ी मार्ग पर चक्का जाम करेंगे। ज्ञापन में स्पष्ट लिखा है “उपरोक्त समस्या का समाधान अतिशीघ्र नहीं होने पर चक्का जाम किया जाएगा। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी विभाग की होगी।”
*किसने सौंपा ज्ञापन*
ज्ञापन सौंपते समय जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी, उप सरपंच धर्मेंद्र मांडवी, गोंडवाना समाज ब्लॉक अध्यक्ष आत्म कोड़ों, गणेश्वर गावड़े, पंच धन सिंह मांडवी, मानव आयोग जिला अध्यक्ष गुमान केरम, राजेश रावटे, विजय मांडवी, प्रहलाद कोरेटी, डोमन कोसमा सहित बड़ी संख्या में ग्राम सभा सदस्य उपस्थित थे।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक स्कूल में स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं हो जाती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

