जिला दुर्ग 23 सितम्बर 2026 छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. ममता साहू एवं प्रभारी सुशीला टोपो,
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज सहायक संचालक श्रीमती पुष्पा कुजुर ने आज पे्ररणा सभा कक्ष, बालगृह परिसर पांच बिल्डिंग महिला एवं बाल विकास कार्यालय जिला-दुर्ग (छ.ग.) में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर जनसुनवाई की गई। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्षता में आज प्रदेश स्तर पर आठवीं व दुर्ग की की व्दितीय सुनवाई हुई। दुर्ग में आयोजित जन सुनवाई में कुल 33 प्रकरणों पर सुनवाई होना है, जिसमें से कुल 25 प्रकरण का सुनवाई हुआ है, जिसमें से 07 प्रकरण नस्तीबध्द हुआ है।
आज की सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका ने कहा कि उनकी जमीन की रजिस्ट्री अनावेदक ने नहीं कराया है। अनावेदक ने बताया है कि मैं पटवारी से बात किया हूं अभी ग्राम उमरपोटी का रजिस्ट्री बंद है तीन माह बाद रजिस्ट्री चालू हो जाऐगा तब मै आवेदिका के नाम पर रजिस्ट्री करूंगा। आयोग ने सुनवाई में अनावेदक को निर्देश दिया है कि आज दिनांक से 04 माह तक आवेदिका के नाम से रजिस्ट्री करवाना है अन्यथा अनावेदक के खिलाफ एफ.आई.आर. किया जाऐगा।
एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि पिछले दो महीने से अनावेदक व्दारा आवेदिका को रूपये नहीं दे रहा है और न ही बेटी का ट्यूशन व स्कूल की फीस नहीं दे रहा है। अनावेदक एनटीपीसी दिल्ली के कंपनी में कार्य करता है। एनटीपीसी दिल्ली को सम्पूर्ण जानकारी देते हुए पत्र लेख किया जायेगा।

एक प्रकरण में आवेदिका का ने कहा कि मेरे पति ने दूसरे से विवाह किया जिसका 1 संतान है। मैं अपने पति के यहां ही निवासरत हूं । आवेदिका को अनावेदकगण के व्दारा गाली गलौज करते है। प्रकरण घरेलू हिंसा का इस लिए संरक्षण अधिकारी म.बा.वि. को निर्देशित किया जाता है, कि आवेदिका का प्रकरण दर्ज कर घरेलू घटना रिपोर्ट तैयार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत करे।
एक प्रकरण में बहु व्दारा सास के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना का प्रकरण दर्ज किया था। बहु व सास का आपसी समझौता होने जाने के कारण प्रकरण नस्तीबध्द किया गया।
एक प्रकरण में अनावेदक ने 2500 रू. प्रतिमाह भरण पोषण राशि आवेदिका को देने के लिए तैयार हुआ है, और प्रतिमाह आवेदिका के खाता में यूपीआई के माध्यम से भरण पोषण की राशि जमा करेंगा।
एक प्रकरण मंे आवेदिकागण एम.बी.एस. की छात्रा है, जो डाॅ. के खिलाफ शिकायत किया था, जिसमें आवेदिकागण ने अपना प्रकरण पर कोई कार्यवाही नहीं चाहती है लेख कर आवेदन प्रस्तुत की है जिसके कारण प्रकरण को नस्तीबध्द किया गया।
एक प्रकरण में अनावेदक को नोटिस तामिल के बाद भी अनुपस्थित। आवेदिका का कहना है कि अनावेदकगण को कुल राशि 1,80,00,000/- (अक्षरी एक करोड अस्सी लाख रूपये मात्र) रू. मुवाअजा मिला है। आवेदिका अविवाहित है। आवेदिका अपना हिस्सा चाह रही है। प्रकरण के निराकरण के लिए सी.एस.पी. दुर्ग को प्रेषित किया जाना है। निराकरण के पश्चात सूचना आयोग को दिया जाना है।
अन्य प्रकरणों में सुनवाई की गई व आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

