छत्तीसगढ़

महतारी वंदन में बहनों के नाम काटकर झूठे आंकड़े पेश कर रही है साय सरकार – विनोद चंद्राकर

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज 

महासमुंद। पूर्व संसदीय सचिव एवं महासमुंद के पूर्व विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने महतारी वंदन योजना को लेकर साय सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह योजना अब महिलाओं को राहत देने की बजाय उन्हें परेशान करने का जरिया बन गई है। महासमुंद सहित प्रदेश के हर जिले में महिलाओं के नाम काटे जा रहे हैं और नए आवेदन तक नहीं लिए जा रहे हैं।
श्री चंद्राकर ने कहा कि सरकार दावा करती है कि 69 लाख महिलाओं को योजना का लाभ दिया जा रहा है, लेकिन पौने तीन साल के भीतर ही लाखों महिलाओं के नाम काटे जा चुके हैं। एक तरफ नए आवेदनों के लिए पिछले ढाई साल से पोर्टल बंद रखा गया है तो दूसरी तरफ पहले से जुड़ी हुई महिलाओं के नाम सत्यापन के नाम पर काटे जा रहे हैं। ऐसे में सरकार का यह दावा अपने आप झूठा साबित हो रहा है कि 69 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है। जब हजारों नाम हर महीने काटे जा रहे हैं और एक भी नया नाम नहीं जोड़ा जा रहा तो यह आंकड़ा कहां टिकता है।
उन्होंने कहा कि हर महीने 700 करोड़ से अधिक खर्च का रोना रोकर सरकार बहाने बना रही है। कभी परिवार में आयकरदाता होने का हवाला तो कभी सरकारी सेवा में होने का हवाला देकर महिलाओं को अपात्र बताया जा रहा है और उनसे पहले दी गई राशि की वसूली की जा रही है। फार्म में गलत जानकारी भरने का आरोप लगाकर भी नाम हटाए जा रहे हैं। सरकार का मकसद सिर्फ बजट बचाना है। नाम काटने से हर महीने जो करोड़ों रुपये बच रहे हैं। उसका उपयोग नई पात्र महिलाओं को जोड़ने में नहीं हो रहा है। श्री चंद्राकर ने कहा कि ढाई साल में हजारों बेटियों की शादी हुई है, जो पात्रता की श्रेणी में आ गई हैं। लेकिन, पोर्टल बंद होने से उनका हक मारा जा रहा है। सरकार ने योजना को सतत प्रक्रिया कहा था, लेकिन आज दरवाजे बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने मांग की है कि सरकार झूठे आंकड़े पेश करना बंद करे, काटे गए सभी नामों को तत्काल बहाल करे और नवविवाहित पात्र महिलाओं के लिए पोर्टल खोलकर उन्हें उनकी पात्रता तिथि से पूरा लाभ दे।