यह कदंब का पेड़ अगर माँ होता…….. जीवनवृक्ष माना गया है आयुर्वेद में कदंब का पेड़ बैकुंठपुर ,(कोरिया)

जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज
यह कदंब का पेड़ अगर माँ होता यमुना तीरे, मैं भी उस पर बैठ कन्हैया बनता धीरे-धीरे। हम सभी ने यह कविता बचपन में जरूर सुनी होगी,पर हम आज आपको कदंब के पेड़ की औषधीय गुणों से परिचित कराने जा रहे है।
कदम्ब की छाल, फल ,तना, पत्तियां सभी औषधीय गुणों से परिपूर्ण है.ये पेड़ कोई सामान्य पेड़ नहीं है अनेक प्रकार की समस्याओ से मुक्ति दिलाने में समर्थ कदंब के पेड़ का आयुर्वेद में जीवनवृक्ष माना गया है। इसकी पत्तियां अल्सर के उपचार में काम आती है और घावों को जल्दी ठीक करती है,इसके खट्टे स्वादिष्ट फल बच्चो की पाचन शक्ति बढ़ाते है और छाल नेत्र रोगों में काम आती है।
आर्युवेद चिकित्सा अधिकारी डां जगतनारायण मिश्र ने बताया कि,”डायबिटीज मरीजों के लिए कदंब के पत्ते रामबाण साबित हो रहे हैं। आयुर्वेद में कदम के जड़, फूल, पत्ते, तना से निर्मित दवा द्वारा कफ, सर्दी, बुखार, यूरिन, डायरिया, दर्द, दस्त, उल्टी समेत कई रोगों के निवारण का वर्णन है। आयुर्वेद में बीमारियों को खत्म करने के लिए राजकदम्ब और धूलिकदम्ब का उपयोग किया जाता है।“
डां संजीवन भूआर्य बस्तर विश्वविद्यालय ने बताया,” कदम्ब कई तरह के होते हैं जैसे कदम्बिका, राजकदम्ब और कदम्बिका आदि कई नामों से जाना जाता है। इस पेड़ का जितना धार्मिक महत्व है उससे कई अधिक इसका फायदा आपकी सेहत से भी जुड़ा हुआ है। कदम्ब के पेड़, छाल, पत्तों और फलों में सैपोजिन,कैडामबेजेनिक,एसिडएल्केलायडकदम्बाई,अल्फाडीहाइड्रो,कदम्बीनग्लैकोसीड्सएल्केलायडआइसो-डीहाइड्राकदम्बीनबीटा-सिटोस्टेरॉलक्विनोविक,एसिडट्रायटार्पेनिक,एसिडसैपोनिनए,बी,सी, जैसे तत्व मिलते है जो इसे जीवनवृक्ष का दर्जा दिलाता है।
कदम्ब के उपयोग-
बुखार की समस्या होने पर तुलसी के पत्तों के साथ पांच ग्राम कदम्बिका की छाल को मिलाकर तैयार काढ़े के सेवन से बुखार जल्दी ठीक हो जाएगा।
घाव ठीक करने के लिए-
घाव यदि ठीक ना हो रहे हों तो कदम्ब की पत्तियों और छाल को पानी में उबालें। फिर उसे गुनगुना होने पर उससे घावों को साफ करें। आपके घाव जल्दी ठीक हो जाएगें।
बच्चों में पाचन की समस्या-
बच्चों की पाचन शक्ति कमजोर होती है। इसलिए आप बच्चे को नियमित रूप से धूलिकदम्ब के फल या रस का सेवन कराएं।
पैरों की चोट व सूजन में-
सूजन और चोट लगने पर आप कदम्ब की छाल और पत्तों को लें और उसे पानी में उबाल लें और उसमें थोड़ा नमक मिला लें और उससे पैरों की सिकांई करें। इस उपाय से पैरों की चोट व सूजन ठीक हो जाती है।
टाइप-2 डायबिटीज का उपचार
इसका इस्तेमाल टाइप-2 डायबिटीज के उपचार के लिए किया जा सकता है। उच्च कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स,फंगल इंफेक्शन,एंटी-बैक्टीरियल ट्रीटमेंट के लिए,पाचन तंत्र, तंत्रिका तंत्र, गठिया, मांसपेशियों में अकड़न,अल्सर ,दस्त ,बुखार, उल्टी पेट ,दर्द छोटे घाव आदि में भी लाभकारी है।
