BREAKING : भूपेश कैबिनेट में 33 बिन्दुओं पर चर्चा… अनुपूरक बजट का अनुमोदन… निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण
रायपुर। जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज भूपेश कैबिनेट की बैठक पूरी हो चुकी है। विधानसभा के मानसून सत्र से पहले हुई इस बैठक को कई लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा था। आज की बैठक में 33 महत्वपूर्ण विषयों को चर्चा के लिए लाया गया गया। जिस पर निर्णय लिए गए हैं। इस बैठक में पूर्व विधायकों के पेंशन में वृद्धि पर मुहर लगाई गई है, तो निजी स्कूल के मनमाने फीस वसूली को नियंत्रित करने पर भी विचार करते हुए विधेयक पारित किया गया है।
भूपेश कैबिनेट की बैठक में इस बार अनुपूरक बजट काफी महत्वपूर्ण विषय था, जिस पर चर्चा हो चुकी है और कैबिनेट ने अनुमोदन भी कर दिया है। विदित है कि राज्य का मानसून सत्र 25 से 28 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान अनुपूरक बजट को सदन में प्रस्तुत किया जाएगा।
वहीं प्रदेश में संचालित निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों पर ध्यान देते हुए सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है और फीस नियंत्रण पर चर्चा की, जिस पर मंत्रिमंडल ने सख्त निर्णय भी लिया है। विधानसभा में इस विषय पर विधेयक पारित करने का निर्णय लिया है।
अन्य विषय जिन पर कैबिनेट ने की चर्चा –
- छग भाषा के लिए केंद्र से किया जाएगा अनुरोध
- तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग में स्थानीय लोगों की भर्ती
- महासमुंद और बेमेतरा के 6 सहकारी बैंक को मंजूरी
- पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के कार्यकाल पर फैसला
- सहकारी बैंक के पुनर्गठन पर फैसला
- विधानसभा के सदस्य का यात्रा भत्ता बढ़ाकर 8 लाख और पूर्व सदस्य का 4 लाख किया गया
- अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री ना होकर एक अध्यक्ष और 2 उपाध्यक्ष की व्यवस्था की गई है
- नए जिले GPM को भी तृतीय और चतुर्थ वर्ग की भर्ती में स्थानीय को प्राथमिकता दी जाएगी
- एर्राबोर हत्याकांड में प्रत्येक प्रभावित परिवार को 4 लाख की सहायता राशि दी जाएगी
- अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग आयोग के नियमों को संसोधित कर सदस्य संख्या बढ़ाकर 1 अध्यक्ष, 1 उपाध्यक्ष और 6 सदस्य करने का निर्णय लिया गया
- महासमुंद, बालोद, बलौदाबाज़ार, बेमेतरा, जांजगीर, सरगुजा समेत 6 जगहों पर नए सहकारी बैंक की स्थापना का प्रावधान किया गया है
- लोक सेवा गारंटी में आवेदन की तारीख शामिल नहीं की जाती थी, अब संशोधन में आवेदन की तारीख भी अनिवार्य रुप से बताने का प्रावधान किया गया
- बस्तर विश्वविद्यालय अब शहीद महेंद्र कर्मा के नाम से जाना जाएगा
- अरपा विकास प्राधिकरण को भंग करके अरपा बेसिन विकास प्राधिकरण बनाए जाने को कैबिनेट की मंजूरी मिली है
- भंडार क्रय नियम को संशोधित किया गया है

