बालोद जिला बिग ब्रेकिंग. हाथियों के दल ने एक युवक को उतारा मौत के घाट, मारने से पहले सूंड में उठाकर 200 मीटर दूर ले गए, फिर युवक पर बरस पड़े हाथी
17/12/2020 जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज
लिमउडीही
जिले में हाथियों ने अपना आतंक लगातार जारी रखा है। बीते एक माह से हाथियों के दल ने अपना कब्जा बालोद जिले के अंतिम छोर आदिवासी वनांचल क्षेत्र में अपना पैर जमाया हुआ है जिसके बावजूद वन विभाग हाथियों से लोगों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इससे यह जाहिर होता है कि वन विभाग के आला अफसर किसी बड़ी घटना की बाटजोह रहे थे। अब आखिरकार वन विभाग की यह बड़ी लापरवाही से एक 17 वर्षीय युवक पर भारी पड़ गया और उसे अपनी जान गंवाना पड़ गया। इस घटना की सूचना लिमउडीही सरपंच सुखदेव पिददा गांव का कोटवार अर्जुन कुलदीप रंजीत मरकाम के द्वारा डोंडी वन परिक्षेत्र अधिकारी को सुचना दिया गया लेकिन पूरी रात में घटना के स्थल पर कोई वन विभाग का आला अफसर नहीं पहुंचा
दरअसल डौंडी ब्लॉक के लिमउडीही गांव के आसपास कब जंगलों में हाथियों के दल के होने की जानकारी ग्रामीणों को मिली थी। जिसको लेकर वन विभाग की ओर से केवल ग्रामीणों को एलर्ट करवाया गया था। वहीं सुरक्षा के लिहाज से वन विभाग की ओर से किसी तरह का इंतजाम नहीं किया गया था। ग्रामीण रात के अंधेरे में आग सेंककर रात गुजार रहे थे। इस दौरान अचानक रात 8 बजे हाथियों का दल गांव के भीतर पहुंच गया। जिसके बाद आग सेंक रहे ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीण इधर से उधर भागने लगे तो वही 17 वर्षीय युवक डोमेन्द्र कुमार ध्रुवे पिता विजय ध्रुवे आमना सामना हाथियों से हो गया। जिसके बाद उस युवक को हाथियों ने अपने पैरों तले कुचल दिया। यही नहीं उस युवक को कुचलने के बाद हाथी अपने साथ सूंड में उठा कर अपने साथ ले गए। इस घटना के बाद लोगों में दहशत और बढ़ गया है तो वही युवक को कहां ले गए उसकी जानकारी लगभग 2 घंटे तक किसी को नहीं थी और ना ही किसी ने हाथियों के पास जाकर युवक को बचाने की हिम्मत जुटा पाया। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि जब हाथियों का दल रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहा था तो वन विभाग ने किसी तरह की ठोस पहल क्यों नहीं की। कहीं ना कहीं पूरे मामले में वन विभाग के आला अफसरों की कार्यशैली कटघरे में खड़ी हो जाती है क्योंकि बीते 1 माह से हाथियों के दल उसी क्षेत्र में होने के बावजूद क्यों अब तक बड़ी घटना होने की राह देख रहा था। अब देखना यह होगा कि उक्त घटना के जिम्मेदार आला अफसरों पर किस तरह की कार्यवाही उच्चाधिकारियों द्वारा की जाती है।

