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शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाना रेप नहीं…हाईकोर्ट

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दुनिया

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शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे मामलों में बहुत सी लड़कियां रेप का आरोप लगाते हुए कोर्ट पहुंच जाती हैं। कुछ इस तरह के एक मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में भी हुई। जिस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ किया कि शादी के वादे के बाद अगर कोई प्रेमी जोड़ा शारीरिक संबंध बनाता है, तो उसे रेप नहीं कहा जा सकता है। इससे पहले इस केस में ट्रायल कोर्ट ने भी इसी तरह का फैसला सुनाया था।

दरअसल एक महिला एक पुरुष के साथ 7 सालों तक (2008 से 2015) रिलेशन में रही। महिला का आरोप है कि पुरुष ने उससे शादी का वादा किया था। साथ ही कई महीनों तक उसने शारीरिक संबंध भी बनाए। इसके बाद वो उसे छोड़कर चला गया। जिस पर महिला ट्रायल कोर्ट पहुंची और उसने अपने पार्टनर पर रेप का आरोप लगाया। लंबी सुनवाई के बाद भी ट्रायल कोर्ट से महिला के पक्ष में फैसला नहीं आया और आरोपी बरी हो गया। इस पर महिला ने सीधे हाईकोर्ट का रुख किया।

दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस विभू बाखरू की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की और ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही बताया। सुनवाई के दौरान जस्टिस बाखरू ने कहा कि कई बार वादे के झांसे में आकर महिलाएं शारीरिक संबंध बनाने को तैयार हो जाती हैं, लेकिन उसमें उनकी पूर्ण सहमति नहीं होती। ऐसे मामलों में रेप यानी IPC की धारा- 375 के तहत केस चलाया जा सकता है। वहीं अगर कोई लंबे वक्त तक अपने पार्टनर के साथ शारीरिक संबंध बना रहा तो ये नहीं माना जा सकता है कि लड़की ने शादी के झांसे में आकर ऐसा किया। जिस वजह से आरोपी को बरी किया जाता है।