Friday, May 22, 2026
छत्तीसगढ़सामाजिक

अति पिछड़ी जनजाति कमार भीखमराम शोरी सहायक शिक्षक एलबी की सेवा से बर्खास्तगी निरस्त कर पुन: नौकरी में रखें–आर एन ध्रुव

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज
अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ छत्तीसगढ़ द्वारा श्री भीखम सिंह सोरी पिता सोनसिंह जाति कमार अति पिछड़ी जनजाति,ग्राम बागडबरा, तहसील व जिला गरियाबंद के मूल निवासी हैं को शासन की मंशा अनुसार तत्काल नियुक्ति प्रदान करने की मांग की गई है। ज्ञात हो कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद के द्वारा 25/3/ 2022 आदेश 1258/ स्था. टी./ सहा. शि. वि./ 2022 के तहत सहायक शिक्षक एलबी के पद पर नियुक्ति हुआ था। जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश का पालन करते हुए श्री भीखम राम सोरी प्राथमिक शाला कुर्राबहारा में ज्वाइनिंग ले लिया था और अपने कार्यों का निर्वहन कर रहे थे। लेकिन कुछ दिनों बाद जिला शिक्षा अधिकारी गरियाबंद के द्वारा उक्त आदेश को निरस्त कर दिया गया। माननीय मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में आयोजित छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक दिनांक 27 अगस्त 2019 में निर्णय लिया गया था कि विशेष पिछड़ी जनजाति के सभी शिक्षित पात्र युवाओं को पात्रता अनुसार नियुक्ति की कार्यवाही किया जावे। इस हेतु छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय महानदी भवन नया रायपुर अटल नगर का पत्र क्रमांक एफ 13– 19/ 2012/ आ. प्र./ 1–3 , नवा रायपुर दिनांक 27/06/ 2022 के अनुसार विशेष पिछड़ी जनजातियों के शिक्षित युवाओं को नियुक्ति दिए जाने का उल्लेख है जिसमें गरियाबंद जिला भी सम्मिलित है। राज्य शासन के दिशा निर्देशों का पालन नहीं किए जाने से सरकार की मंशा के अनुरूप अति पिछड़ी जनजातियों को इन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
संघ के प्रांताध्यक्ष आर एन ध्रुव द्वारा श्री भूपेश बघेल जी मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, श्री डॉक्टर प्रेमसाय सिंह टेकाम जी मंत्री,शिक्षा, सहकारिता, आदिम जाति कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ शासन, श्री शिशुपाल शोरी जी विधायक कांकेर संसदीय सचिव छत्तीसगढ़ शासन,श्रीमान अध्यक्ष/ सचिव अनुसूचित जनजाति आयोग छत्तीसगढ़ शासन, कलेक्टर जिला गरियाबंद,जिला शिक्षा अधिकारी जिला गरियाबंद को पत्र लिखकर कमार समाज के अति पिछड़ी जनजाति श्री भीखम राम सोरी का आदेश को संशोधित करते हुए तत्काल नियुक्ति आदेश जारी कर न्याय दिलाने की मांग किए हैं। उन्होंने कहा कि श्री सोरी जी को न्याय नहीं मिलने की स्थिति में अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ छत्तीसगढ़ आंदोलन के लिए बाध्य होगा।