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गोंडी धर्म कोड का पृथक कॉलम आगामी जनगणना में हो इस हेतु विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जावे

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज

विश्व आदिवासी दिवस बिलासपुर में लाखों की तादाद में सामाजिकजन सम्मिलित हुए
विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम गोंडवाना गोंड महासभा एवं आदिवासी समाज के द्वारा साइंस कॉलेज मैदान न्यायधानी बिलासपुर में श्री भूपेश बघेल जी मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य आतिथ्य एवं
श्री शिशुपाल शोरी विधायक कांकेर , संसदीय सचिव छत्तीसगढ़ शासन, राष्ट्रीय अध्यक्ष गोंडवाना गोंड महासभा की अध्यक्षता, वर्चुअल अतिथि वक्ता डॉ वाफुला सीईओ वामुला इंटरनेशनल केन्या
विशिष्ट अतिथि श्री भानु प्रताप सिंह ठाकुर अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति आयोग छत्तीसगढ़ शासन , श्री अटल श्रीवास्तव अध्यक्ष पर्यटन मंडल छत्तीसगढ़, श्री शैलेश पांडे विधायक बिलासपुर, श्रीमति रश्मि आशीष सिंह ठाकुर विधायक तखतपुर,श्री सच्चिदानंद गोंड कोलकाता पश्चिम बंगाल,श्री राजेश गोंड प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश,श्री मूलचंद गोंड प्रदेश महामंत्री उत्तरप्रदेश, श्री दिवाकर पेंदाम राष्ट्रीय सचिव महाराष्ट्र, श्रीमती गीता चिदरी बीदर कर्नाटक ,श्री खामसिंह मांझी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गोंडवाना गोंड महासभा उड़ीसा, श्री लोकेंद्र सिंह राष्ट्रीय महासचिव,प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गोंडवाना गोंड महासभा श्री नीलकंठ टेकाम आईएएस संचालक कोष एवं लेखा छत्तीसगढ़ शासन,श्री बिसन सिंह परतेती प्रदेश अध्यक्ष गोंड समाज महासभा मध्यप्रदेश,श्री महेंद्र नायक प्रदेश अध्यक्ष उड़ीसा,श्री बी.एल. कोर्राम राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल गोंडवाना गोंडी साहित्य परिषद ,श्री नितिन पोटाई सदस्य अनुसूचित जनजाति आयोग, श्रीमती अर्चना पोर्ते सदस्य अनुसूचित जनजाति आयोग,श्री नंदकिशोर राज, श्रीमती वंदना उईके, श्री सुभाष परते, डॉ चंद्रशेखर उइके,श्री आयुष सिंह राज,श्री सूरज मरकाम थे। कार्यक्रम का संचालन अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष एवं महासभा के महासचिव आर एन ध्रुव एवं आभार प्रदर्शन महासभा के संभागीय संयोजक जिला अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ बिलासपुर रामचंद्र ध्रुव द्वारा गया।विश्व आदिवासी दिवस पर्व को ऐतिहासिक बनाने के लिए 7 अगस्त को बिलासपुर शहर में सैकड़ों की तादाद में युवाओं ने बाइक रैली निकाली । 8 अगस्त को देव परघावनी का कार्यक्रम किया गया ।जिसमें हजारों की तादाद में बिलासपुर शहर के लोग जुटे। 9 अगस्त को प्रातः से ही जरहाभाटा छात्रावास से हजारों की तादाद में समाजिक जन पारंपरिक वेशभूषा में अस्त्र-शस्त्र तीर– तलवार से सुसज्जित शहर में रैली निकाली गई। ऐतिहासिक रैली के कारण कई घंटों तक शहर में जाम की स्थिति निर्मित हो गई। कार्यक्रम में समाज के विशिष्ट महान विभूति नवरत्नों का सम्मान हुआ। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से लाखों की तादाद में सामाजिक जन सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री बघेल जी ने विश्व आदिवासी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज आजादी की लड़ाई में बढ़– चढ़कर हिस्सा लिए थे। उन्होंने समाज की मांग पर गोंड राजा रघुराज सिंह स्टेडियम या सत्यम चौक में गोंड राजा रघुराज सिंह का स्टेचू व शिलालेख लगाने की घोषणा किए। अतिथि वक्ता श्री राबर्ट वाफूला ने वर्चुअल संबोधन में केन्या के राष्ट्रपति का संदेश विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि भारत देश एवं केन्या की संस्कृति लगभग एक बराबर है। भारत के आदिवासी समाज यदि केन्या आना चाहें तो उनका स्वागत है। उन्होंने केन्या में व्यापार व्यवसाय उद्योग लगाने के इच्छुक उद्यमों को केन्या में व्यवसाय लगाने हेतु ऑफर किए। अध्यक्षता कर रहे श्री शोरी जी ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति मानवतावादी है। समाज का पर्यावरण संरक्षण जल, जंगल, जमीन से गहरा नाता है। स्वागत उद्बोधन करते हुए श्री टेकाम जी द्वारा छत्तीसगढ़ में पेसा का नियम बनाए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार माना। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी को निम्न अनुसार ज्ञापन सौंपा गया।
छत्तीसगढ़ के कुल आबादी में 20% गोंड समाज की जनसंख्या है। राजधानी रायपुर में समाज का कोई भवन नहीं होने से दूर-दूर से आने वाले लोगों को ठहरने, सामाजिक कार्यक्रमों, बैठक आयोजित करने हेतु जगह के अभाव में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अतः छत्तीसगढ़ के नया राजधानी रायपुर में 5 एकड़ जमीन एवं भवन बनाने हेतु रुपए एक करोड़ स्वीकृत करने,अनुसूचित जाति/ जनजाति वर्ग के लिए पदोन्नति में आरक्षण हेतु राज्य सरकार परिणामिक वरिष्ठता सहित नियम बनाकर पदोन्नति में आरक्षण की बहाली करने, अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे अत्यंत प्राचीन भाषा गोंडी को बचाए रखने हेतु गोंडी साहित्य अकादमी का गठन छत्तीसगढ़ में हो। धर्म, संस्कृति ,रीति-रिवाजों के संरक्षण संवर्धन हेतु गोंडी धर्म कोड का पृथक कॉलम आगामी जनगणना में हो इस हेतु विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जावे।न्यायधानी बिलासपुर में गोंड़वाना गोंड़ महासभा छ.ग. का विशाल सामूहिक भवन हेतु 5 एकड़ भूमि सह अत्याधुनिक राष्ट्रीय स्तर का भवन स्वीकृति एवं भवन का नामकरण समाज के गौरव डॉ. भंवर सिंह पोर्ते जी के नाम पर हो । सर्वसुविधायुक्त स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्रावास का निर्माण, जिसमें सेन्ट्रल लॉयबेरी, व्यापंम पूर्व परीक्षा, पीएससी पूर्व परीक्षा, कला एवं संस्कृति, गणित एवं अंग्रेजी विषय के शिक्षक तथा स्पोर्ट्स शिक्षक की सुविधा हो । मंगला चौक में वीरांगना महारानी दुर्गावती का स्टेचू एवं शिलालेख उत्कीर्ण किया जाएं ।गोंड़ राजा रघुराज सिंह स्टेडियम में या सत्यम चौक में गोंड़ राजा रघुराज सिंह का स्टेचू एवं शिलालेख उत्कीर्ण किया जाएं । गोंड़ पारा वॉर्ड का नामकरण गोंड़ महाराजा चक्रधर सिंह पोर्ते के नाम पर किया जाने। छत्तीसगढ़ में फर्जी जाति प्रमाण पत्र धारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो रहा है फर्जी प्रमाणपत्र धारियों के खिलाफ तत्काल निलंबन विभागीय जांच, एफआईआर करने की घोषणा किया जाने।शासकीय पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास जरहाभाठा, बिलासपुर को दानवीर स्व. श्री हरिदीन पोर्ते के नाम पर नामकरण किया जाने । छात्रावास 50 वर्ष पुराना है जो जीर्ण–शीर्ण स्थिति में है। उसे नए कलेवर में 20 करोड़ की लागत से सर्व सुविधा युक्त अत्याधुनिक छात्रावास बनाई जाने।छात्रावास में अध्ययनरत छात्रों की भोजन हेतु राशि प्रतिमाह 2,000 /- रूपये किया जाएं।देश में न्यायाधीशों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने हेतु कॉलेजियम सिस्टम बंद हो एवं न्यायाधीशों की भर्ती यूपीएससी की तर्ज पर हो। इस हेतु विधानसभा छत्तीसगढ़ से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाने।नगर निगम बिलासपुर के रानी दुर्गावती नगर खमतराई बुढादेव स्थल में आदिवासी समाज के लिए सामुदायिक भवन हेतु रु. पचास लाख राशि स्वीकृत किए जाने। मुंगेली जिला के लोरमी विकासखंड में अति पिछड़ी जनजाति आदिवासी बैगा समाज के लोग प्रमुखता से रहते हैं।छात्रावास नहीं होने के कारण आदिवासी समाज के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। इसलिए मुंगेली में 100 सीटर छात्रावास खोला जाने की मांग मुख्यमंत्री के पास रखी गई। मुख्यमंत्री जी ने उपरोक्त मांगों को परीक्षण कर विचार करने का आश्वासन दिए।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अलावा पूरे देश भर से लाखों की संख्या में सामाजिक जन उपस्थित थे।