सामाजिक

बेचाघाट जनांदोलन वर्षगांठ को हम सब मिलकार सफल बनाएगें -सुरजू टेकाम

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज 

मान्यवर, बस्तर संभाग और प्रदेश भर में निवासरत आदिवासी / मुलनिवासी, प्रमुख चारो प्रगाना के मांझी, पटेल, गायता, गैर आदिवासी, दलित, पिछड़ा वर्ग एवं बंग समाज व सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धि जीवी पत्रकारों मानवाधिकार संगठनों छात्र नवजवानों आप सभी को सर्व आदिवासी समाज कोयलीबेड़ा ब्लॉक की ओर से | आग्रह करते है कि बेचाघाट जनांदोलन वर्षगाठ को हम सब मिलकार | सफल बनायेंगें ।

केन्द्र व राज्य सरकारे विगत कुछ वर्षो से आदिवासीयों को उनके जल- जगल और जमीन से विस्थापित करने के लिए विभिन्न प्रकार की कुटनीति बना रही है। क्योकि आदिवासीयों की जल जगल और जमीन पर कई किस्म कि खनिज सम्पदा जैसे हीरा, बॉक्साइड, लोहा, आयस्क, सोना, चांदी, आदि पाई जाती है । इन खनिज सम्पदाओं को केन्द्र व राज्य सरकारे आपने मुनाफाके लिए बड़े- बड़े उद्योग पति कारपोरेट कंम्पनीयों से समझोता कर लिया है । और जगह-जगह पुलिस कैम्प एवं बी.एस.एफ. कैम्प स्थापित कर आदिवासीओं को उनके जल जंगल और जमीन सें बेदखल करनें कि सजिश चला रही है जिसके लिऐं बस्तर संभाग के समस्त आदिवासी | समुदाय सड़को पर उतर आये है जैसे-हसदेव, सिलगेर बेचापाल, एडसमेटाइ गंगालूर ताड़वाल्ला, रावघाट, आमदाई, आदि जगहओं पर विगत एक साल से आंदोलन चालया जा रहा है। इसी तरह विगत 07 दिसम्बर 2021 से कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा के अंतिम छोर बेचाघाट के कोटरी नदी के तट पर बिना ग्राम सभा के सहमति के प्रशासन द्वारा प्रस्तावित पुल, पुलिया, बी.एस.एफ कैम्प और सितराम में पर्यटन केन्द्र खोले जाने के विरोध में विगत एक साल से आंदोलन चालया जा रहा है। इस आंदोलन का एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विशाल महा सभा का आयोजन कर वर्षगाठ मनाया जाना है। जिसमें आप सभी सामाजिक बंधुओं, जनता, लैयह-लैयोर, महिला, पुरूष, अपनी – अपनी संस्कृतिक वेश-भूषा पराम्परिक रेलो नृत्य, मंदरी, आदि के साथ हमारें इस वर्षगाठ को सफल बनाऐ … ।

दिनांक 09.12.2022 दिन शुक्रवार – जनता एवं दुर दरज से आने वाले अतिथियों का आगमन एवं रात्री 9 बजे से संस्कृतिक कार्यक्रम ।

दिनांक 10.12.2022 दिन शनिवार विशाल आमसभा एवं रैली एवं

संस्कृतिक कार्यक्रम |

दिनांक 11.12.2022 दिन रविवार आमसभा का समिक्षा