पूर्ण ईशर गवरा एवं बड़ादेव महापूजन -बरबसपुर
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज
स्थान- ग्राम- बरबसपुर, तह.- गुण्डरदेही, जिला- बालोद (छ.ग.) गोंडी संस्कृति विश्व संस्कृति की जननी व जनक है। व्यक्ति से परिवार और परिवार से समाज का निर्माण होता है और हर समाज की
अपनी रीति-नीति परम्परा और संस्कृति ही समाज की पहचान होती है। धर्म पिता तुल्य भाषा माता तुल्य के साथ संस्कृति और कला गौड़ की विशेष पहचान है। इसी गोडी धर्म संस्कृति को अक्षुण्य बनाए रखने, भय और भ्रम को मिटाने तथा नेग-जोग रुड़ी परम्पराको संरक्षित करने गोड़वाना गुरुदेव परम श्रद्धेय दुर्ग भगत जगत जी एवं करुणामई माता दुर्गे दुलेश्वरी के आशीर्वाद एवं सानिध्य में तथा गोडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति एवं छत्तीसगढ़ गोंडवाना संघ महिला व युवा युवती प्रभागअ के संयुक्त तत्वाधान में साथ ही सगा समाज के सहयोग से पूर्ण ईसर गवरा एवं बडादेव महापूजन का आयोजन किया गया जिला बालोद में छत्तीसगढ़।
अतः समस्त मातृशक्ति, पितृशक्ति एवं युवा व युवती शक्ति तन-मन-धन से कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करेंगे आपका सहयोग ही समाज के विकास एवं एकता का प्रतीक है।
गुरुवाणी सिद्ध कीजिए कि मैं गोड । यह सच है कि गौड़ हिन्दू नहीं है । 100/6615.01.1971 को देश
मुख्य अतिथि तिरूमाल राजेन्द्र मंडावी अध्यक्ष ध्रुव और समाज विशिष्ट अतिथि तिरुमाल राजकुमार पडोटी उपाध्यक्ष ध्रुव गोंड
अध्यक्षता तिरुमाल ओवद्र पादाम अध्यक्ष गो ध सौ
चन्द्रभान नेताम प्रान्ताअध्यक्ष एवं समस्त गोण्डी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति पं.क्र. 19980 छत्तीसगढ़ गोंड़वाना संघ

