10 दिसम्बर शहीद वीर नारायण सिंह जी के शहादत दिवस पर उनको सादर नमन
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्युज रायपुर का जयस्तम्भ चौक.. हर रोज हजारों लोग यहाँ से गुजरते है, पर ज्यादातर लोगों को इसके एतिहासिक महत्व के बारे में जानकारी नही होती हैं.. अंग्रेज़ो द्वारा 10 दिसम्बर 1857 को रायपुर के इसी चौराहे वर्तमान में जयस्तम्भ चौक पर छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी वीर नारायण सिंह जी को बांध कर फ़ासी दे दी गई थी, और बाद में उनके शव को तोप से उड़ा दिया था.. 10 दिसम्बर शहीद वीर नारायण सिंह जी के शहादत दिवस पर उनको सादर नमन
आज ऐतिहासिक दिवस है… आज के दिन ही गोंडवाना माटी पुत्र, अंग्रेजी हुकूमत, जमाखोरी, अन्याय अत्याचार के खिलाफ आवाज बुलन्द करने वाले, गरीबों के मसीहा, सच्चे देशभक्त, छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का गौरव प्राप्त, वीरता के पर्याय वीर नारायण सिंह जी सोनाखान को जय स्तंभ चौक रायपुर में शहादत प्राप्त हुई थी ऐसे महापुरुष को…. गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति व छ.ग. गोंडवाना संघ एवं युवा प्रभाग. के द्वारा रायपुर के हृदय स्थल के जय स्तंभ चौक पर फूल माला व संतरंगी ध्वज भेंट …… जिसमें हमारे प्रदेश सचिव गजनंद नूरूटी, प्रदेश कोषाध्यक्ष गौकरन कुजाम, शहर जिला अध्यक्ष डुमन ओटी, युवा प्रभाग से प्रदेश साचिव अशवनी, सदस्य नारेश, आशीष, योगेश,संजू,राकेश, मोहन आदि…

