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बेचाघाट जन आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे युवराज नेताम जिलाअध्यक्ष गोंड महासभा युवा प्रभाग मोहला नरेंद्र नेताम गोंड महासभा अध्यक्ष मोहला मानपुर

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जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज़ बेचाघाट जन आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे युवराज नेताम जिलाअध्यक्ष गोंड महासभा युवा प्रभाग मोहला मानपुर चौकी नरेंद्र नेताम गोंड महासभा अध्यक्ष मोहला मानपुर आदिवासी समुदाय का लंबे समय से चल रहे जल जंगल जमीन की लड़ाई पेशा एक्ट को लेकर सैधानिक मांग को लेकर इस आंदोलन में शामिल हुए
बेचाघाट आंदोलन) आदिवासी बेचाघाट जनांदोलन की 2 वर्षगांठ को हम सब मिलकार सफल बनाएगें
बिना ग्राम सभा सहमति शासन द्वारा खोले गयें सभी BSF कैं GBप को वापस लीं। बिना ग्राम सभा सहमति शासन द्वारा प्रस्तावित कोटरी नदी पुलिया वापस लों ।
आने वाली 2024 की जनगणना में आदिवासी धर्म कोड़ को दर्जा दे । बिना ग्राम सभा सहमति शासन द्वारा प्रस्तावित सितराम में पर्यटन स्थाल वापस लों
ताड़मेट्ला, गोम्मे एवं तिम्मेनार सहित तमाम झूठी मुठभेडो व नरसंहारों के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों व जवानों, डीआरजी गुंडों को नौकरियों से बर्खास्त कर कठोरतम सजा दी जाए, ।
शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों (आदिवासी) के लिए • 20 प्रतिशत एवं अनु सूचित जातियों को लिए 16 प्रतिशत आरक्षण को सभी शासकीय, सार्वजनिक एवं निजी संस्थाओ में तुरंत लागू किया जाए ।
मूल पेसा कानून के अन रूप छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध (अन सूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियम नियम, 2022 में आवश्यक संशोधन कर ग्राम सभाओं के सारे •
अधिकारों को अमल में लाया जाए. ।
छत्तीसगढ़ी और सभी आदिवासी भाषाओं को शिक्षा का माध्यम बनाया जाए तथा सभी राजकीय गतिविधियों में मान्य किया जाए ।
आदिवासी इलाकों खासकर बस्तर संभाग में मौजूद शाला, छात्रावास और अस्पतालों को सही ढंग से संचालित किया जाए. शिक्षकों, डॉक्टरों की
उपस्थिति सुनिश्चित किया जाए ।
जन आंदोलनों पर छग सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को हटाया जाए.जनवादी तरीके से बंद किया जाए । चलने वाले शांतिपूर्ण घरना, प्रदर्शनों पर पुलिस दमन

आदिवासी विरोध कानून यूसीसी को रद्द किया जाए । • संविधान की 6वीं अनुसूची लागू करते हुए आदिवासी इलाकों को स्वायत्तता दी जाए. स्वायत्तशासी बस्तर प्रादेशिक काउंसिल बनाया जाए । • जनविरोधी, आदिवासी विरोधी युएपीए, राजदोह, छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा
कानून, राष्ट्रीय सुरक्षा कनूनों को वापस लिया जाए । • सभी आदिवासी इलाकों में डोनों की निगरानी एवं हवाई बमबारी बंद की जाए गिरफ्तार व जेलों में बंद किये गए कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए
कार्यकर्ताओं पर लगाए गये झूठे केसों को वापस लिया जाए. ।
आंगनबाडी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं, केंद्र एवं राज्य सरकारों के सभी विभागों के संविदा कर्मचारियों के स्थायीकरण सहित शिक्षकों, कर्मचारियों के वेतन-भत्तों में बढ़ोत्तरी एवं अन्य सभी मांगों का निराकरण किया