मुख्यमंत्री के अधीन विद्युत कंपनी, आरक्षण नियम के उल्लंघन में अव्वल
जिवराखन लाल उसारे छत्तीसगढ़ ग्रामीण न्यूज
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल आरक्षित वर्ग अधिकारी कर्मचारी संघ द्वारा विद्युत कंपनी में कार्यरत अधिकारी कर्मचारियों के पदोन्नति में आरक्षण एवं अन्य सांगठनिक मांगों को लेकर विद्युत कंपनी के अध्यक्ष को संबोधित करते हुए क्रमबद्ध आंदोलन 20 जनवरी 2025 से करने की सूचना दी गई है। विदित हो कि पदोन्नति में आरक्षण को लेकर राज्य सरकार द्वारा हाईकोर्ट के निर्देशानुसार आरक्षण नियम के नियम 5 को अधिसूचित करने हेतु पिंगुआ कमिटी का गठन किया गया है। वहीं पर राज्य सरकार द्वारा सामान्य पदोन्नति की प्रक्रिया वरिष्ठता के आधार पर किया जा रहा है। हांलाकि माननीय सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश दिनांक 01.05.2023 के अनुसार पदोन्नति में आरक्षण मौजूदा नियम के अनुसार किये जाने हेतु स्पष्ट आदेश किया गया है। इस संबंध में उर्जा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा विद्युत कंपनी को दिनांक 03.05.2023 को नियुक्तियों एवं चयन प्रक्रियाओं में आरक्षण के संबंध में निर्देशित किया गया है। लेकिन विद्युत कंपनी प्रबंधन द्वारा शासन के निर्देश एवं माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन खुलेआम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के बहुसंख्यक आबादी अनुसूचित जाति एवं जनजाति के अधिकारी कर्मचारियों के लिए खेद कि बात है कि माननीय मुख्यमंत्री के अधीन विद्युत कंपनी में हाईकोर्ट के आदेश का गलत व्याख्या कर खुद की पदोन्नति प्रक्रिया बनाकर केवल सामान्य वर्गो के अधिकारी एवं कर्मचारियों का पदोन्नति किया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न संवैधानिक मांगों को भी दरकिनार कर कार्यवाही की जा रही है। इससे संघ के पदाधिकारी व सदस्यों के साथ ही छत्तीसगढ़ के समस्त अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग में आक्रोश व्याप्त है। संघ ने विद्युत कंपनी प्रबंधन के तानाशाही रवैया के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा किया है। इसमें 20 से 31 जनवरी 2025 तक क्षेत्रीय स्तर पर गेट मिटिंग कर विरोध प्रदर्शन एवं 07 फरवरी 2025 को विद्युत कंपनी मुख्यालय में गेट मिटिंग व विरोध प्रदर्शन, 14 फरवरी 2025 को एक दिवसीय सामूहिक अवकाश एवं विरोध प्रदर्शन किया जायेगा। इसके बाद भी संघ की मांगों पर समूचित कार्यवाही नहीं हुई तो 24 फरवरी 2025 से अनिश्चितकालीन सामूहिक धरना प्रदर्शन किया जावेगा।

